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7 दिन में बिजली का कनेक्शन दो, नहीं तो 50 हजार भरो
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 05 Nov 2015 01:27 PM IST
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स्थायी लोक अदालत ने पंजाब पावर कॉरपोरेशन के खिलाफ फैसला सुनाया है। अदालत ने पावरकॉम को सात दिन में उपभोक्ता को बिजली का कनेक्शन देने के आदेश दिए है। वरना 50 हजार रुपये भरने होंगे।
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इसके अलावा पावरकॉम को 20 हजार रुपये मुआवजे और कानूनी खर्च के रूप मे देने होंगे। यह फैसला जज जगरूप महल की अदालत ने सुनाया है।
जानकारी के मुताबिक, गांव अकालगढ़ उर्फ बुर्जवाला जिला रूपनगर निवासी अच्छरों ने अदालत में केस दायर किया था। उन्होंने बताया कि बिजली का कनेक्शन लेने के लिए पूरे दस्तावेजों के साथ विभाग में आवेदन किया था। कुछ समय बाद विभाग ने उनके घर के लिए लाइन बिछाने के लिए खंभे लगा दिए।
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लेकिन, कनेक्शन देने से पहले उससे रिश्वत की मांग की गई। वह गरीब थी, इसलिए रिश्वत नहीं दे पाई। इसके बाद विभाग ने लाइन बिछाने का काम रोक दिया। साथ ही कहा कि उक्त जगह पर स्टे लगी है। इसके बाद उन्हें कनेक्शन देने से मना कर दिया। इसके बाद अदालत ने पावरकॉम के अधिकारी पेश हुए।
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उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में गुरविंदर सिंह नाम के व्यक्ति ने एतराज दर्ज करवाए थे। तहसीलदार रूपनगर से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला था कि वह जमीन की मालिक नहीं है। ऐसे में सप्लाई कोड के मुताबिक उसे कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है।
हालांकि, अदालत ने पहले मेरिट के आधार पर फैसले को हल करवाने की कोशिश की। इसके बाद अदालत ने कहा कि ठीक में है। लेकिन, अदालत ने झगड़े वाली जगह पर बिजली का कनेक्शन देने पर रोक लगाई है।
ऐसे में उसे शिकायतकर्ता को तुरंत कनेक्शन दिया जाए। अदालत का तर्क था कि जिस जगह पर शिकायतकर्ता का कब्जा हो, भले ही दूसरी पार्टी इसका विरोध करती है। वहां पर बिजली का वहां कनेक्शन दिया जा सकता है।