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चंडीगढ़: कोरोनावीर फिजा और अर्नव गुप्ता ने पीजीआई में दान किया अपना प्लाज्मा

Sat, 09 May 2020 03:18 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 09 May 2020 03:18 PM IST
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Lockdown, Coronavirus, After Recovering from Corona, Two Patients Donated Plasma to PGI Chandigarh
दो मरीजों ने दान किया प्लाज्मा - फोटो : अमर उजाला

चंडीगढ़ की पहली कोरोना पॉजिटिव मरीज फिजा गुप्ता और उनके भाई अर्नव गुप्ता ने शनिवार को पीजीआई को अपना प्लाज्मा डोनट किया। कोरोना को मात देने वाले इन दोनों मरीजों से मिले प्लाज्मा को अब यहां भर्ती गंभीर मरीजों में चढ़ाया जाएगा। प्लाज्मा मिलने के बाद इस थेरेपी से इलाज के ट्रायल की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। इस नेक कार्य के करने पर पीजीआई डायरेक्ट प्रो. जगतराम और उनकी पूरी टीम ने दोनों डोनर का आभार व्यक्त किया। 

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प्रो. जगतराम का कहना है कि इनके इस नेक पहल से कोरोना को मात देकर घर लौट चुके अन्य मरीज भी अपना प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना के इलाज के लिए पीजीआई में प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने पीजीआई को अनुमति दे दी है।
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ट्रायल के दौरान पीजीआई कोरोना वायरस से संक्रमित इन मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से करेगा। इसमें कोरोना के ठीक हो चुके मरीजों के प्लाज्मा को दवा के रूप में पॉजिटिव मरीजों को दिया जाएगा। इसका ट्रायल पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में भर्ती पॉजिटिव मरीजों पर किया जा रहा है। उन मरीजों को दो वर्गों में बांटकर इस तकनीक के परिणाम का आकलन किया जाएगा। प्लाज्मा थेरेपी से इससे पहले भी कई गंभीर बीमारियों के इलाज में सफलता मिल चुकी है। इसे ध्यान में रखकर इसे कोरोना के इलाज में प्रयोग करने की योजना बनाई गई है।    

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कोरोना का मरीज ही अन्य मरीज के लिए बनेंगे वरदान  

प्रो. जगतराम ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए एक ठीक हुए मरीज के शरीर से एंटीबॉडी यानि कि रोग प्रतिरोधक को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के अंदर ट्रांसफर कर दिया जाता है। जो कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के अंदर प्रवेश करने के बाद वायरस से लड़ता है और मरीज को वायरस से बचाता है।

उन्होंने यह बताया कि प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित हो सकती है। क्योंकि इस थेरेपी से पहले भी कुष्ट जैसी कई प्रकार की गंभीर बीमारी को कंट्रोल करने में अच्छा परिणाम मिला है। प्रो. जगतराम ने बताया कि इस थेरेपी में कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हुए मरीज ही दूसरे मरीजों के मददगार बन सकते हैं। 
 
केरल के बाद चंडीगढ़ को मिली है प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल की मंजूरी  
इंडियन कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने केरल स्थित श्री चित्र तिरुनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी को प्लाज्मा थेरेपी करने की मंजूरी देने के बाद अब पीजीआई को भी इसके ट्रायल के लिए चुना है। केरल को मंजूरी मिलने के बाद ही पीजीआई ने इसके ट्रायल के लिए अनुमति मांगी थी। जिसे अब मंजूर कर दिया गया है। पीजीआई में इसके ट्रायल में इंटरनल मेडिसिन, एनेस्थीसिया, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एंडोक्रिनोलॉजी, वायरोलॉजी और कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट को शामिल किया गया है।

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