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बंद पड़ी हैं इस सेक्टर की ओपीडी, जानिए क्यों
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Feb 2014 01:45 PM IST
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शहर के सबसे पुराने हेल्थ कम्युनिटी सेंटर की ओपीडी का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। आधा दर्जन से अधिक ओपीडी पर ताला लटक गया है। बाकी बची ओपीडी का दरवाजा भी जल्द बंद होने के कयास चल रहे हैं।
महत्वपूर्ण डॉक्टरों के नहीं होने से खासकर सेक्टर -22 के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर -16 के जनरल हॉस्पिटल जाना पड़ता है।
अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण सेक्टर-22 व आसपास के सेक्टरों के लोगों को काफी धक्के खाने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य प्रशासन की दुहाई है कि हेल्थ कम्युनिटी सेंटर को अब चाइल्ड एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल बनाने की तैयारी है। यहां पर सारी ओपीडी जल्द बंद कर दी जाएंगी।
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उसके बाद अस्पताल में करीब 50 बेड बढ़ा दिए जाएंगे। गायनी डॉक्टर और अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। विभाग के इस फैसले से स्थानीय लोग सकते में हैं।
उनका कहना है कि वे इस बारे में कई पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। यदि अब भी नहीं माने तो कड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कौन-कौन सी ओपीडी हुईं बंद
1. आई ओपीडी
2. मेडिसिन ओपीडी
3. ईएनटी ओपीडी
4. स्किन ओपीडी
5. मनोचिकित्सक ओपीडी
6. फिजियोथैरेपी ओपीडी
7. ऑपरेशन थियेटर
कौन-कौन सी चल रही हैं ओपीडी
1. आर्थोपेडिक ओपीडी
2. गायनी ओपीडी
3. जनरल ओपीडी
4. पीडियाट्रिक ओपीडी
प्रेग्नेट वूमेन को सबसे ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी प्रेग्नेट वूमेन को आ रही है। मेडिकल फिटनेस के लिए मेडिसिन डॉक्टर की जरूरत पड़ती है, लेकिन हेल्थ सेंटर में मेडिसिन के डॉक्टर नहीं होने से प्रेग्नेट वूमेन को सेक्टर 16 के अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। बुलबुल केस को प्रशासन दोहराने की तैयारी में है।
कम्युनिटी हेल्थ सेंटर से जुड़े लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले इस ओपीडी में एक हजार लोग दिखाने आते थे, लेकिन अब मात्र 300-400 लोग ही आ रहे हैं। लोगों के विरोध जताने पर कुछ दिनों के लिए कुछ डाक्टर भेजे गए थे, जिन्हें फिर से वापस बुला लिया गया।
मेडिकल सुपरीटेंडेंट (एमएस) डॉ. सतबीर सिंह से सवाल-जवाब
रिपोर्टर : हेल्थ सेंटर की ओपीडी क्यों बंद कर दी गई?
एमएस : हेल्थ सेंटर को मेटरनिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना है, इसलिए ओपीडी बंद की गई।
रिपोर्टर : ऐसा फैसला क्यों लिया गया?
एमएस : जीएमसीएच-32 में काफी भीड़-भाड़ है। भीड़ को कम करने के लिए इसे अपग्रेड किया जा रहा है।
रिपोर्टर : सीनियर सिटीजन व लोग परेशान हो रहे हैं?
एमएस : चंडीगढ़ के सभी सेक्टरों में डिस्पेंसरी हैं। सेक्टर-23 में भी डिस्पेंसरी हैं, जो 22 से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। इसकेअलावा सेक्टर 16 के अस्पताल जा सकते हैं।
क्या कहना है सेक्टरवासियों का
सेक्टर -22 डिस्पेंसरी की ओपीडी बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे खुलवाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। इस बारे में हेल्थ सेक्रेटरी से बात चल रही है। कई बार लेटर भी लिखा जा चुका है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदीप छाबड़ा, पूर्व मेयर व पार्षद
डिस्पेंसरी की ओपीडी बंद होने से सीनियर सिटीजन सहित पूरा सेक्टर काफी परेशान है। वेलफेयर कई बार लेटर लिख चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सेक्टर 16 के हॉस्पिटल में इतनी भीड़ होती है कि वहां पर जाने का मन नहीं करता।
केके मल्होत्रा, जनरल सेक्रेटरी, सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर -22
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महत्वपूर्ण डॉक्टरों के नहीं होने से खासकर सेक्टर -22 के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर -16 के जनरल हॉस्पिटल जाना पड़ता है।
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अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण सेक्टर-22 व आसपास के सेक्टरों के लोगों को काफी धक्के खाने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य प्रशासन की दुहाई है कि हेल्थ कम्युनिटी सेंटर को अब चाइल्ड एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल बनाने की तैयारी है। यहां पर सारी ओपीडी जल्द बंद कर दी जाएंगी।
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उसके बाद अस्पताल में करीब 50 बेड बढ़ा दिए जाएंगे। गायनी डॉक्टर और अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। विभाग के इस फैसले से स्थानीय लोग सकते में हैं।
उनका कहना है कि वे इस बारे में कई पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। यदि अब भी नहीं माने तो कड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कौन-कौन सी ओपीडी हुईं बंद
1. आई ओपीडी
2. मेडिसिन ओपीडी
3. ईएनटी ओपीडी
4. स्किन ओपीडी
5. मनोचिकित्सक ओपीडी
6. फिजियोथैरेपी ओपीडी
7. ऑपरेशन थियेटर
कौन-कौन सी चल रही हैं ओपीडी
1. आर्थोपेडिक ओपीडी
2. गायनी ओपीडी
3. जनरल ओपीडी
4. पीडियाट्रिक ओपीडी
प्रेग्नेट वूमेन को सबसे ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी प्रेग्नेट वूमेन को आ रही है। मेडिकल फिटनेस के लिए मेडिसिन डॉक्टर की जरूरत पड़ती है, लेकिन हेल्थ सेंटर में मेडिसिन के डॉक्टर नहीं होने से प्रेग्नेट वूमेन को सेक्टर 16 के अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। बुलबुल केस को प्रशासन दोहराने की तैयारी में है।
कम्युनिटी हेल्थ सेंटर से जुड़े लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले इस ओपीडी में एक हजार लोग दिखाने आते थे, लेकिन अब मात्र 300-400 लोग ही आ रहे हैं। लोगों के विरोध जताने पर कुछ दिनों के लिए कुछ डाक्टर भेजे गए थे, जिन्हें फिर से वापस बुला लिया गया।
मेडिकल सुपरीटेंडेंट (एमएस) डॉ. सतबीर सिंह से सवाल-जवाब
रिपोर्टर : हेल्थ सेंटर की ओपीडी क्यों बंद कर दी गई?
एमएस : हेल्थ सेंटर को मेटरनिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना है, इसलिए ओपीडी बंद की गई।
रिपोर्टर : ऐसा फैसला क्यों लिया गया?
एमएस : जीएमसीएच-32 में काफी भीड़-भाड़ है। भीड़ को कम करने के लिए इसे अपग्रेड किया जा रहा है।
रिपोर्टर : सीनियर सिटीजन व लोग परेशान हो रहे हैं?
एमएस : चंडीगढ़ के सभी सेक्टरों में डिस्पेंसरी हैं। सेक्टर-23 में भी डिस्पेंसरी हैं, जो 22 से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। इसकेअलावा सेक्टर 16 के अस्पताल जा सकते हैं।
क्या कहना है सेक्टरवासियों का
सेक्टर -22 डिस्पेंसरी की ओपीडी बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे खुलवाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। इस बारे में हेल्थ सेक्रेटरी से बात चल रही है। कई बार लेटर भी लिखा जा चुका है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदीप छाबड़ा, पूर्व मेयर व पार्षद
डिस्पेंसरी की ओपीडी बंद होने से सीनियर सिटीजन सहित पूरा सेक्टर काफी परेशान है। वेलफेयर कई बार लेटर लिख चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सेक्टर 16 के हॉस्पिटल में इतनी भीड़ होती है कि वहां पर जाने का मन नहीं करता।
केके मल्होत्रा, जनरल सेक्रेटरी, सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर -22