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Haryana: नायब सैनी बने सीएम अब भाजपा प्रदेश प्रधान के लिए लॉबिंग... मनीष, कैप्टन और संजय का नाम चर्चा में
Thu, 14 Mar 2024 10:41 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 10:41 AM IST
सार
हरियाणा में भाजपा की तरफ से अगर जाटों को साधने की कोशिश की गई तो कैप्टन अभिमन्यु बड़ा चेहरा हैं। वह भी पिछली बार विधानसभा का चुनाव हार गए थे। फिलहाल उनके पास संगठन में भी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है। कैप्टन के भाजपा हाईकमान के साथ भी अच्छे संबंध हैं।
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कैप्टन अभिमन्यु
- फोटो : फाइल
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विस्तार
नायब सैनी के मुख्यमंत्री बनने से अब हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। पद के लिए संजय भाटिया, मनीष ग्रोवर और कैप्टन अभिमन्यु के नाम की चर्चा है। माना जा रहा है कि जो भी प्रदेशाध्यक्ष बनेगा, वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पसंद का होगा। इसलिए भी इन तीनों नेताओं में से किसी एक को यह पद दिया जा सकता है।
क्षेत्रीय आधार पर ग्रोवर
क्षेत्रीय आधार पर संतुलन देखा गया तो मनीष ग्रोवर का नाम आता है। ग्रोवर मनोहर लाल के विश्वास पात्र भी हैं और पिछली बार विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद मनोहर सरकार में उनका कद कम नहीं हुआ है। उनको संगठन में उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। रोहतक क्योंकि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ रहा है और भाजपा का प्रदेश मुख्यालय भी यहीं पर है...और क्योंकि जीटी बेल्ट पर खुद नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम मनोहर लाल बड़ा चेहरा होंगे, इसलिए ग्रोवर के नाम पर मंथन चल रहा है।
जातीय आधार पर कैप्टन
जाटों को साधने की कोशिश की गई तो कैप्टन अभिमन्यु भी बड़ा चेहरा हैं। वह भी पिछली बार विधानसभा का चुनाव हार गए थे। फिलहाल उनके पास संगठन में भी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है। कैप्टन के भाजपा हाईकमान के साथ भी अच्छे संबंध हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि क्योंकि पिछड़ा वर्ग से सीएम बनाया गया है तो अब स्वर्ण जाति के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अगर जाट को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ तो कैप्टन इसमें सूट करते हैं। क्योंकि जाट समाज से पहले सुभाष बराला दो बार प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं और सैनी से पहले ओमप्रकाश धनखड़ भी प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
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संजय पर अब संशय
संजय भाटिया के नाम को लेकर दोनों तरह की चर्चाएं हैं कि वे प्रदेशाध्यक्ष बनाए भी जा सकते हैं और उनका नाम कट भी सकता है। पहले उनको सशक्त माना जा रहा था लेकिन अब क्योंकि खुद मनोहर लाल करनाल से प्रत्याशी हैं और सैनी भी इसी बेल्ट से आते हैं, ऐसे में दो बड़े चेहरों के साथ-साथ तीसरा बड़ा चेहरा भी जीटी बेल्ट से ही बनाने को लेकर संशय है।
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क्षेत्रीय आधार पर ग्रोवर
क्षेत्रीय आधार पर संतुलन देखा गया तो मनीष ग्रोवर का नाम आता है। ग्रोवर मनोहर लाल के विश्वास पात्र भी हैं और पिछली बार विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद मनोहर सरकार में उनका कद कम नहीं हुआ है। उनको संगठन में उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। रोहतक क्योंकि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ रहा है और भाजपा का प्रदेश मुख्यालय भी यहीं पर है...और क्योंकि जीटी बेल्ट पर खुद नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम मनोहर लाल बड़ा चेहरा होंगे, इसलिए ग्रोवर के नाम पर मंथन चल रहा है।
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जातीय आधार पर कैप्टन
जाटों को साधने की कोशिश की गई तो कैप्टन अभिमन्यु भी बड़ा चेहरा हैं। वह भी पिछली बार विधानसभा का चुनाव हार गए थे। फिलहाल उनके पास संगठन में भी कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है। कैप्टन के भाजपा हाईकमान के साथ भी अच्छे संबंध हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि क्योंकि पिछड़ा वर्ग से सीएम बनाया गया है तो अब स्वर्ण जाति के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अगर जाट को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ तो कैप्टन इसमें सूट करते हैं। क्योंकि जाट समाज से पहले सुभाष बराला दो बार प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं और सैनी से पहले ओमप्रकाश धनखड़ भी प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
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संजय पर अब संशय
संजय भाटिया के नाम को लेकर दोनों तरह की चर्चाएं हैं कि वे प्रदेशाध्यक्ष बनाए भी जा सकते हैं और उनका नाम कट भी सकता है। पहले उनको सशक्त माना जा रहा था लेकिन अब क्योंकि खुद मनोहर लाल करनाल से प्रत्याशी हैं और सैनी भी इसी बेल्ट से आते हैं, ऐसे में दो बड़े चेहरों के साथ-साथ तीसरा बड़ा चेहरा भी जीटी बेल्ट से ही बनाने को लेकर संशय है।