चंडीगढ़ प्रशासन की नई आबकारी नीतिः अब पंचकूला-मोहाली की तरह रात 12 बजे तक खुलेंगे ठेके, दाम भी बढ़ेंगे
प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ चर्चा के बाद आबकारी नीति को तैयार किया गया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि नई आबकारी नीति का उद्देश्य उपभोक्ताओं, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं व खुदरा विक्रेताओं और सरकार की आकांक्षाओं को संतुलित करना है।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2023-24 के लिए नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। कई तरह के बदलाव किए गए हैं। पंचकूला-मोहाली की तरह अब चंडीगढ़ में भी ठेके रात 12 बजे तक खुल सकेंगे। प्रशासन ने गो सेस को घटा दिया है लेकिन ईवी सेस और क्लीन एयर सेस लगाने की घोषणा की है, जिससे शराब के दामों में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। ये सभी फैसले एक अप्रैल से लागू हो सकते हैं।
प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ चर्चा के बाद आबकारी नीति को तैयार किया गया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि नई आबकारी नीति का उद्देश्य उपभोक्ताओं, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं व खुदरा विक्रेताओं और सरकार की आकांक्षाओं को संतुलित करना है। कहा गया है कि पंचकूला और मोहाली में एकरूपता लाने के लिए खुदरा बिक्री के लिए शराब की दुकानों को मोहाली और पंचकूला के बराबर यानी सुबह नौ बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक खोला जा सकेगा।
बार के संचालन के लिए इजाजत के साथ तीन बजे तक की अनुमति होगी। इस पॉलिसी वर्ष से बॉटलिंग प्लांटों को लीज पर देने की अनुमति नहीं होगी। बॉटलिंग प्लांट्स से डिस्पैच के लिए बॉटलिंग प्लांट्स के संचालन के घंटे बढ़ाकर सुबह 9 से शाम 6 बजे तक कर दिया गया है। व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए नए बार लाइसेंसधारियों (एल-3/एल-4/एल-5) को 30 सितंबर के बाद लाइसेंस प्रदान किए जाने की स्थिति में वार्षिक लाइसेंस शुल्क का केवल 50 फीसदी ही भुगतान करना होगा। नीति से संबंधित किसी भी तरह के सुझाव व आपत्तियों के लिए 0172-2700109 पर संपर्क कर सकते हैं या dc-chd@nic.in पर ईमेल कर सकते हैं।
कोटे में बदलाव नहीं, ब्रांड पंजीकरण की मंजूरी मिलेगी ऑनलाइन
हितधारकों की सुविधा के लिए और लेबल-ब्रांड पंजीकरण की मंजूरी में लगने वाले समय को कम करने के लिए लेबल पंजीकरण की ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है और इसे अब कलेक्टर (आबकारी) की ओर से मंजूरी दी जाएगी। नीति में लो एल्कोहलिक ड्रिंक्स को बढ़ावा देने के लिए बीयर, वाइन, आरटीडी (रेडी टू ड्रिंक) आदि पर लाइसेंस फीस और ड्यूटी नहीं बढ़ाई गई है। सभी प्रकार की शराब पर उत्पाद शुल्क को वर्तमान उत्पाद शुल्क नीति के समान ही रखा गया है। भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), देशी शराब (सीएल) और इंपोर्ट विदेशी शराब (आईएफएल) के कोटे में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ई-टेंडरिंग से होगी 95 ठेकों की नीलामी, ईएमडी को किया आधा
शहर में अलग-अलग स्थानों पर 95 ठेके हैं, जिन्हें एक साल के लिए लीज पर देने के लिए ई-टेंडरिंग की जाएगी। विभाग की तरफ से कहा गया है कि नीलामी की तिथियों के संबंध में अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। बोलियों में बेहतर भागीदारी के लिए ईएमडी (बयाना जमा) को घटाकर आधा कर दिया गया है। व्यापार करने में आसानी के लिए और इंपोर्टेड विदेशी शराब के क्षेत्र में नए प्रवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्रांड स्वामित्व वाली कंपनी अधिकतम पांच व्यक्तियों को प्राधिकरण पत्र जारी कर सकती है, इस शर्त को समाप्त कर दिया गया है। अब ब्रांड स्वामित्व वाली कंपनियां कितने भी लोगों को प्राधिकरण पत्र जारी कर सकती हैं। साथ ही केवल चंडीगढ़ में कस्टम बॉन्डेड वेयरहाउस होने की शर्त को हटा दिया गया है।
बीयर पर पांच रुपये और व्हिस्की पर लगता था 10 रुपये सेस, अब लगेगा एक रुपये और दो रुपये
प्रशासन ने गोसेस को घटा दिया है। देशी शराब की 750 मिली की बोतल पर पांच रुपये सेस लगता था, जिसे घटाकर एक रुपये, 650 मिली बीयर की बोतल पर पांच रुपये से एक रुपये और 750 मिली/700 मिली व्हिस्की की बोतल पर 10 से दो रुपये प्रति बोतल गो सेस किया गया है। इससे दाम कुछ रुपये कम होते लेकिन इसके साथ ही ईवी सेस और क्लीन एयर सेस लगा दिया है, जिससे दाम पुराने दाम जितने या कुछ रुपये बढ़ सकते हैं। क्लीन एयर सेस को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से अलग से जारी किया जाएगा।
अवैध शराब की तस्करी पर नकेल कसने के लिए शुरू होगा ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम
चंडीगढ़ में शराब सस्ती होने की वजह से यहां की शराब की तस्करी कई राज्यों में की जाती है। वर्ष 2022-23 में पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के जिलों में चंडीगढ़ की शराब पकड़ी गई है इसलिए प्रशासन ने फैसला लिया है कि इस वर्ष से अवैध शराब की तस्करी पर नकेल कसने के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को शुरू किया जाएगा, जिसके तहत हर बोतल का क्यूआर कोड होगा। इसके माध्यम से बोतल भरने से लेकर उसके बिकने तक की मॉनिटरिंग होगी। अगर किसी ठेके पर विभाग की ओर से तय किए गए न्यूनतम दरों के नियमों का पालन नहीं होता है तो विभाग ठेके को तीन दिन के लिए सील कर सकता है।