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UAE की जेल में थे 11 पंजाबियों समेत 14 युवक, इस शख्स ने ब्लड मनी देकर मौत के फंदे से बचाया

Wed, 20 May 2020 01:45 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 May 2020 01:45 AM IST
सार

  • सिख कारोबारी डॉ. ओबराय ने चुकाई 75 लाख की रकम
  • बचाए गए युवकों में एक हरियाणा और दो पाकिस्तान के भी 
  • भारत लौटे नौ युवक मिलिट्री अस्पताल चेन्नई में क्वारंटीन

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Life of 14 young men saved by giving blood money
सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपी सिंह ओबराय और युवकों के परिजन

विस्तार

दुबई के सिख कारोबारी और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एसपी सिंह ओबराय एक बार फिर 75 लाख की ब्लड मनी चुकाकर दो पाकिस्तानियों समेत 14 भारतीय को मौत के फंदे से बचा लाए। इनमें 11 पंजाबी और एक हरियाणवी है। पाकिस्तानी युवक अपने वतन लौट चुके हैं जबकि नौ पंजाबी भारत आ चुके है। सभी इस समय मिलिट्री अस्पताल चेन्नई में 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं। 

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तीन अभी दुबई में फंसे हैं, क्योंकि भारत आने वाले जहाज में उन्हें सीट नहीं मिली। डॉ. एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि 31 दिसंबर 2015 को शारजाह में हुए एक झगड़े के दौरान जालंधर के कस्बा सामराय के 23 वर्षीय आसिफ अली और कपूरथला के गांव पंडोरी के 25 वर्षीय वरिंदरपाल सिंह की मौत हो गई थी। इस केस में कुल 14 नौजवान दोषी पाए गए थे, जिनमें से 12 भारतीय और दो पाकिस्तानी थे। इन सभी नौजवानों को एक जनवरी 2016 को पुलिस ने जेल में बंद कर दिया था। 
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डॉ. ओबराय के अनुसार इन नौजवानों के परिवारों ने उनसे गुहार लगाई थी। इसके बाद उन्होंने मृतक वरिंदरपाल के दुबई में रहते करीबी रिश्तेदार निर्मल सिंह से मिलकर बातचीत की और बताया वह पीड़ित परिवारों को अपनी तरफ से ब्लड मनी देकर सजायाफ्ता नौजवानों को बचाना चाहते हैं। वह मई 2018 को निर्मल सिंह को साथ लेकर अदालत में पेश हुए। कोर्ट की तरफ से इजाजत मिलने के बाद उन्होंने नौ जुलाई 2018 को पीड़ित परिवारों को ब्लड मनी सौंपकर समझौते के कागज तैयार करवाए और 24 अक्तूबर को उन्होंने कोर्ट को समझौते के कागजात सौंप दिए।

इसके बाद 2019 के मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और दिसंबर में लगातार इस केस में 27 सुनवाई हुई। 12 फरवरी को केस और अपील लग गई। इस साल 8 अप्रैल को अदालत ने फैसला सुनाते हुए सभी नौजवानों की सजा माफ करते हुए कुछ समय बाद जेल से रिहा करने का एलान किया। इस केस पर कुल 75 लाख रुपये खर्च हुए।

बचाए गए नौजवान

  • 1. टोनी मसीह पुत्र शामू मसीह, जिला गुरदासपुर
  • 2. हरदीप सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह, जिला गुरदासपुर
  • 3. नवनीत कुमार पुत्र रूप लाल, जिला गुरदासपुर
  • 4. रोहित पुत्र डेनियल, जिला गुरदासपुर
  • 5. हैपी पुत्र प्यारा मसीह, जिला गुरदासपुर
  • 6. हरप्रीत सिंह पुत्र अमरजीत सिंह, जिला नवांशहर
  • 7. अजय कुमार पुत्र मदन लाल, नवांशहर
  • 8. ज्ञान चंद पुत्र गुरमीत लाल, होशियारपुर
  • 9. कुलविंदर सिंह पुत्र शुकर सिंह, कपूरथला
  • 10. बूटा सिंह पुत्र बलविंदर सिंह, कपूरथला
  • 11. परमजीत सिंह पुत्र बलविंदर सिंह, जालंधर
  • 12. दलजीत सिंह पुत्र दिलबाग सिंह, कुरुक्षेत्र 
  • 13. उस्मान (पाकिस्तान)
  • 14. शाजाब (पाकिस्तान)
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