फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Life imprisonment to Akali leader and two police personnel in Jamalpur fake encounter case

जमालपुर फर्जी एनकाउंटर मामला: अकाली नेता और दो पुलिस मुलाजिमों को उम्रकैद, एक-एक लाख रुपये जुर्माना

Mon, 10 Oct 2022 07:19 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 10 Oct 2022 07:19 PM IST
सार

घटना के आठ साल बाद अदालत ने सजा सुनाई है। हालांकि इस मामले में एसएचओ और उसका रीडर पिछले सात साल से फरार हैं, जिन्हें अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। 

विज्ञापन
Life imprisonment to Akali leader and two police personnel in Jamalpur fake encounter case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लुधियाना के जमालपुर की आहलुवालिया कालोनी में दो सगे भाइयों के फर्जी एनकाउंटर मामले में आखिरकार पीड़ित परिवार को आठ साल के लंबे इंतजार के बाद इंसाफ मिला। इस मामले में अकाली नेता गुरजीत सिंह, सिपाही यादविंदर और पंजाब होमगार्ड के जवान अजीत सिंह को दोषी करार देने के बाद सोमवार को सजा का भी एलान कर दिया। 

विज्ञापन


तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना दी गई है। इसके साथ-साथ तीनों आरोपियों को एक लाख रुपये का जुर्माना तक लगाने का आदेश जारी कर दिया है। इस फर्जी एनकाउंटर में माछीवाड़ा के गांव भोआपुर निवासी जतिंदर सिंह और उसके भाई हरिंदर सिंह को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। 
विज्ञापन


जमालपुर की आहलुवालिया कालोनी में 27 सितंबर 2014 की सुबह माछीवाड़ा पुलिस के साथ अकाली नेता गुरजीत सिंह मौजूद था तो उन्होंने दोनों सगे भाइयों की हत्या कर इसे एनकाउंटर दिखाया। इसके बाद जांच के बाद पता चला कि यह एनकाउंटर फर्जी है। इसके बाद थाना जमालपुर की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने इस मामले में यादविंदर सिंह सिपाही, पंजाब होम गार्ड के जवान अजीत सिंह और अकाली नेता गुरजीत सिंह के साथ बलदेव सिंह को गिरफ्तार किया था। आठ साल बाद अदालत ने बलदेव सिंह को बरी कर दिया जबकि बाकी तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार की अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या, आर्म्स एक्ट और साजिश रचने का दोषी पाया और तीनों को दोषी करार दे दिया। इस मामले में माछीवाड़ा साहिब के इंस्पेक्टर मनजिंदर सिंह को नामजद करने के साथ-साथ एसएसपी हर्ष बंसल को सस्पेंड कर दिया गया था।


एसआईए द्वारा की गई जांच के बाद इसका चालान पेश हुआ था। घटना के आठ साल बाद अदालत ने सजा सुनाई है। हालांकि इस मामले में एसएचओ और उसका रीडर पिछले सात साल से फरार हैं, जिन्हें अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed