Sonipat News: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास, 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी साहब सिंह को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 506 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। दोषी ने अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले पीड़ित परिवार को धमकी दी थी कि मामले की जानकारी किसी को दी तो पूरे परिवार को मार देगा। यही वजह थी कि पीड़ित परिवार ने घटना के चार दिन बाद मुकदमा दर्ज कराया था।
बरोदा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 10 जनवरी 2022 को पुलिस को बताया था कि उनका परिवार बकरी पालन करता है। वह बकरियों को चारा खिलाने गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में छोड़कर आ जाते हैं। वह 6 जनवरी 2022 को बकरियों को स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। वहां पर दिन में 11 बजे उनकी सात साल की बेटी बकरी के बच्चे को लेने गई। बेटी ने बताया कि जब वह स्वास्थ्य केंद्र में जा रही थी तो रास्ते में गांव के साहब सिंह ने उसे 10 रुपये देने के बहाने अपने घर बुला लिया था।
घर ले जाकर बच्ची के साथ गलत काम किया। आरोपी ने बेटी का गला दबाकर कहा था कि इस बारे में किसी को नहीं बताना। बेटी ने घर आकर मामले की जानकारी अपने माता-पिता को दी। जब वह आरोपी के पास उलाहना देने पहुंचे तो उसने धमकी दी कि किसी को बताया तो पूरे परिवार को गोली मार देगा। इसके बाद चार दिन तक पीड़ित परिवार डरा रहा।
उन्होंने चार दिन बाद हिम्मत जुटाकर मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, 6 पॉक्सो एक्ट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज कुमार की टीम ने आरोपी साहब सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी साहब सिंह को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 506 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना और एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।