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सीनेट चुनाव करवाने को लेकर छात्र भी उतरे मैदान में, अधिकारियों, सिंडिकेट और सीनेट के सदस्यों को दिया गया पत्र
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चंडीगढ़। सीनेट चुनाव करवाने की मांग को लेकर अब छात्र संगठन भी मैदान में आ गए हैं। साथ ही स्नातक वर्ग से जिन लोगों ने नामांकन करवाए हैं, उन्होंने भी छात्र संगठनों के साथ मिलकर सिंडिकेट व सीनेट के सदस्यों को अपनी बात कही। इसके अलावा पीयू प्रशासन के अधिकारियों को भी पत्र दिए गए।
एनएसयूआई सोशल मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज लुबाना, पीयूसीएससी के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी, स्नातक वर्ग से उम्मीदवार डॉ. अमित भाटिया आदि ने सिंडिकेट व सीनेट के सदस्यों को पत्र देकर सीनेट चुनाव करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब चुनाव की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई थीं तो फिर चुनाव क्यों टाला गया। चुनावी प्रक्रिया में बूथ से लेकर हर कुछ तय हो गया था। इसमें परिश्रम के अलावा पूंजी भी लगी। इतना होने के बाद भी चुनाव टाल दिए गए। छात्र संगठनों ने चुनाव निर्धारित तिथियों में करवाने की मांग करते कहा कि ऐसा न होने पर छात्र अन्य निर्णय लेंगे।
सीनेट चुनाव स्थगित होने को लेकर छात्र संगठनों के अलावा छात्रों में रोष है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से उम्मीदवार आकर यहां नामांकन करवाकर गए हैं तो ऐसे में अब चुनाव होने चाहिएं। तमाम लोगों ने कोरोना के बीच खतरा मोल लिया था, इसलिए उनकी मेहनत खराब नहीं होनी चाहिए।
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एनएसयूआई सोशल मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज लुबाना, पीयूसीएससी के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी, स्नातक वर्ग से उम्मीदवार डॉ. अमित भाटिया आदि ने सिंडिकेट व सीनेट के सदस्यों को पत्र देकर सीनेट चुनाव करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब चुनाव की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई थीं तो फिर चुनाव क्यों टाला गया। चुनावी प्रक्रिया में बूथ से लेकर हर कुछ तय हो गया था। इसमें परिश्रम के अलावा पूंजी भी लगी। इतना होने के बाद भी चुनाव टाल दिए गए। छात्र संगठनों ने चुनाव निर्धारित तिथियों में करवाने की मांग करते कहा कि ऐसा न होने पर छात्र अन्य निर्णय लेंगे।
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सीनेट चुनाव स्थगित होने को लेकर छात्र संगठनों के अलावा छात्रों में रोष है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से उम्मीदवार आकर यहां नामांकन करवाकर गए हैं तो ऐसे में अब चुनाव होने चाहिएं। तमाम लोगों ने कोरोना के बीच खतरा मोल लिया था, इसलिए उनकी मेहनत खराब नहीं होनी चाहिए।
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