{"_id":"91150065306381d0a109e1d3955ec42d","slug":"letter-to-pm-modi-for-men-stranded-in-saudi-arabia-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरब में फंसे 120 युवाओं के लिए पीएम को मार्मिक पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सऊदी अरब में फंसे 120 युवाओं के लिए पीएम को मार्मिक पत्र
संजीव कुमार बख्शी/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘सऊदी अरब गए बेटे को चार माह से वेतन नहीं मिला। कंपनी न तो काम दे रही है और न ही वतन वापस लौटने दे रही है। पिछले माह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाई थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब पीएम मोदी से उम्मीद है कि वे विदेश में फंसे युवाओं को सुरक्षित वापस ले आएंगे।’ पुनीत मैहन की मां यह कहते हुए फफक पड़ती है। जिले के गांव बागपुर का तीस वर्षीय पुनीत सऊदी अरब में फंसे 120 युवाओं में शामिल है।
विज्ञापन
पुनीत के परिजनों ने प्रवासी भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय की ओर से शुरू की गई काउंसलर सर्विस एक्सेस पोर्टल सेवा ‘मदद’ पर भी शिकायत की थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुनीत के बड़े भाई रजत मैहन ने बताया कि पुनीत करीब साढे़ तीन साल पहले सऊदी अरब के शहर दमाम स्थित साद सामी अल हज़री कंपनी में बतौर डीजल मेकैनिक काम करने के लिए गया था।
विज्ञापन
कुछ समय पहले वह अपने पिता के निधन पर पंजाब आया था। पुनीत की मां के अनुसार उनके बेटे ने फोन पर बताया कि करीब चार माह पहले उसके लौट कर जाने के बाद कंपनी ने उसे वेतन नहीं दिया। बाद में कंपनी का सऊदी सरकार से कोई विवाद हो गया। इसके चलते काम बंद हो गया है।
विज्ञापन
इस पर पुनीत और उसके साथ 120 भारतीयों सहित कुल 150 लोगों को कंपनी ने लावारिस छोड़ दिया। न तो कंपनी उन्हें काम ही दे रही है और न ही उन्हें लौटने दिया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन ने उनके पासपोर्ट अपने पास जमा कर रखे हैं। उन्हें भूखे पेट टेंट में रहना पड़ रहा है।
इन युवाओं की वापसी के लिए परिजनों ने पिछले माह विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई थी लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। अब फिर से विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल और पत्र लिखकर नौजवानों की देश वापसी के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
पासपोर्ट वापसी के लिए मांग रहे पैसे
रजत मैहन ने बताया कि पुनीत और अन्य भारतीय कामगारों ने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया था। मामले के हल के लिए हुसैन जाकिर नाम के व्यक्ति को सालसी के तौर पर नियुक्त किया गया पर मसला अभी तक ज्यों का त्यों है। इन युवाओं नेे लेबर कोर्ट में भी केस दायर कर रखा है। कंपनी के अधिकारी पासपोर्ट वापस करने के लिए 1500 रियाल और अपने टिकट का बंदोबस्त करने के लिए कह रहे हैं।