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चंडीगढ़ नगर निगम में बैठ वेंडरों की समस्याएं सुनेंगे सिविल जज, नियुक्ति के लिए लिखा गया पत्र
Mon, 09 Dec 2019 10:50 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 09 Dec 2019 10:50 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ के वेंडरों की समस्याओं को सुनने के लिए नगर निगम में जल्द ही एक सिविल जज की नियुक्ति होगी। जज के साथ ही एक सोशल वर्कर और एक वकील भी नियुक्ति की जाएगी। निगम में ही तीन लोगों की कमेटी वेंडरों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करेगी। निगम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफ जनरल को पत्र लिखकर अपने कार्यालय में ही एक जज की नियुक्ति की मांग की है।
इस संबंधी अधिकारियों का कहना है कि जल्द जज की नियुक्ति होने के बाद निगम में ही एक ऑफिस बनाकर कोर्ट रूम बना दिया जाएगा। इसे लेकर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार शिकायतों के निवारण और फैसलों के लिए एक सेल बनाना होता है। इस सेल में एक सिविल जज और अन्य दो लोगों की नियुक्ति की जाती है। सिविल जज की नियुक्ति रजिस्ट्रार ऑफ जनरल की ओर से होती है। शेष दो सदस्य सोशल वर्कर और वकील हो सकते हैं।
इसके अलावा जिस तरह टाउन वेंडिंग कमेटी नोटिफाइड की जाती है, उसी प्रकार निगम और प्रशासन के अधिकारी दो सदस्यों की नियुक्ति कर सकते हैं। सिविल जज सेल का चेयरमैन होता है। सेल के सदस्य समस्याओं की संख्या या समस्या की गंभीरता को देखते हुए एक सप्ताह में भी मीटिंग कर सकते हैं और महीने में भी एक बार बैठकर सदस्य समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। सेल के लिए निगम में एक अलग से ऑफिस होगा, जहां वेंडरों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
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इस संबंधी अधिकारियों का कहना है कि जल्द जज की नियुक्ति होने के बाद निगम में ही एक ऑफिस बनाकर कोर्ट रूम बना दिया जाएगा। इसे लेकर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार शिकायतों के निवारण और फैसलों के लिए एक सेल बनाना होता है। इस सेल में एक सिविल जज और अन्य दो लोगों की नियुक्ति की जाती है। सिविल जज की नियुक्ति रजिस्ट्रार ऑफ जनरल की ओर से होती है। शेष दो सदस्य सोशल वर्कर और वकील हो सकते हैं।
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इसके अलावा जिस तरह टाउन वेंडिंग कमेटी नोटिफाइड की जाती है, उसी प्रकार निगम और प्रशासन के अधिकारी दो सदस्यों की नियुक्ति कर सकते हैं। सिविल जज सेल का चेयरमैन होता है। सेल के सदस्य समस्याओं की संख्या या समस्या की गंभीरता को देखते हुए एक सप्ताह में भी मीटिंग कर सकते हैं और महीने में भी एक बार बैठकर सदस्य समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। सेल के लिए निगम में एक अलग से ऑफिस होगा, जहां वेंडरों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
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लोगों की समस्याओं के लिए बेहतर विकल्प
वर्तमान में वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद वेंडरों को जो समस्या होगी, वह कौन सुनेगा। इसकी जानकारी ही नहीं है। वहीं, अधिकारी कोर्ट का हवाला देकर वेंडरों को शिफ्ट कर रहे हैं। सेल के बनने से वेंडरों के लिए एक बेहतर विकल्प होगा, जहां लोग अपनी समस्याओं को रख सकेंगे। वहीं, कोर्ट से लेकर प्रशासन और निगम की समस्याएं भी एक ही स्थान पर सुनी जा सकेंगी। इसके लिए वेंडरों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं होगी।
वेंडरों को शिफ्ट करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर
वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर बन गया है। समाज विकास अधिकारी विवेक त्रिवेदी ने बताया कि फरवरी में मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन अफेयर्स की ओर से फरवरी में विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां देशभर से आए लोगों ने वेंडरों को शिफ्ट करने से संबंधित योजना प्रस्तुत की थी। चंडीगढ़ की योजना को वहां सराहना मिली।
उस समय की योजना के अनुसार चंडीगढ़ देश में तीसरे और केंद्र शासित प्रदेश की लिस्ट में पहले स्थान पर था। वर्तमान में वेंडरों की रिलोकेशन की योजना किसी भी शहर में लागू नहीं की है, जबकि चंडीगढ़ में इस योजना को लागू कर दिया है। इस कारण चंडीगढ़ देश का पहला ऐसा शहर है, जहां वेंडरों को योजनाबद्ध तरीके से वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर दिया गया है।
वेंडरों को शिफ्ट करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर
वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार वेंडरों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर बन गया है। समाज विकास अधिकारी विवेक त्रिवेदी ने बताया कि फरवरी में मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन अफेयर्स की ओर से फरवरी में विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां देशभर से आए लोगों ने वेंडरों को शिफ्ट करने से संबंधित योजना प्रस्तुत की थी। चंडीगढ़ की योजना को वहां सराहना मिली।
उस समय की योजना के अनुसार चंडीगढ़ देश में तीसरे और केंद्र शासित प्रदेश की लिस्ट में पहले स्थान पर था। वर्तमान में वेंडरों की रिलोकेशन की योजना किसी भी शहर में लागू नहीं की है, जबकि चंडीगढ़ में इस योजना को लागू कर दिया है। इस कारण चंडीगढ़ देश का पहला ऐसा शहर है, जहां वेंडरों को योजनाबद्ध तरीके से वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर दिया गया है।
वेंडर एक्ट 2014 के अनुसार तय मानक
- स्ट्रीट वेंडर नियम
- स्ट्रीट वेंडर की योजनाएं
- टाउन वेंडिंग कमेटी की नोटिफिकेशन
- स्ट्रीट वेंडर थर्ड पार्टी सर्वे
- स्टीट वेंडिंग जोन आवंटित करना
- स्टीट वेंडर चार्टर
- स्ट्रीट वेंडर और टीवीसी के लिए ऑफिस
- स्टीट वेंडरों का पहचान पत्र
- नए स्थान देना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना
- वेंडरों की समस्याओं के लिए सेल बनाना
- स्ट्रीट वेंडर की योजनाएं
- टाउन वेंडिंग कमेटी की नोटिफिकेशन
- स्ट्रीट वेंडर थर्ड पार्टी सर्वे
- स्टीट वेंडिंग जोन आवंटित करना
- स्टीट वेंडर चार्टर
- स्ट्रीट वेंडर और टीवीसी के लिए ऑफिस
- स्टीट वेंडरों का पहचान पत्र
- नए स्थान देना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना
- वेंडरों की समस्याओं के लिए सेल बनाना
साल 2017 में कराया था थर्ड पार्टी सर्वे
वर्ष-2017 में नगर निगम ने एक कंपनी से सर्वे करवाया था। उस दौरान सर्वे में 21 हजार 622 वेंडरों का सर्वे किया गया। निगम ने चार फेज में ड्रॉ के जरिये से सिर्फ 9 हजार 356 वेंडरों को ही रजिस्टर्ड किया। तकरीबन 3200 वेंडरों ने कई साल से फीस जमा नहीं की थी।
टाउन वेंडिंग कमेटी ने 30 नवंबर तक ऐसे वेंडरों को फीस भरने का समय दिया था। इस दौरान सिर्र्फ 526 वेंडरों ने ही अपनी फीस जमा कराई। इसके बाद पांच दिसंबर को टीवीसी की बैठक में करीब 2 हजार 674 वेंडरों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए सहमति दे दी गई। बचे हुए वेंडरों को निगम ने सर्टिफिकेट देकर वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर दिया है।
वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार 10 में से 9 चरणों को हमने पूरा कर लिया है। वेंडरों की समस्या सुनने के लिए सेल बननी है। जो प्रोसेस में है। इस चरण को जल्द पूरा कर लेंगे। वैसे चंडीगढ़ 9 चरण पूरा करने वाला देश का पहला शहर बन गया है। अब वेंडरों को मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह से देने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
टाउन वेंडिंग कमेटी ने 30 नवंबर तक ऐसे वेंडरों को फीस भरने का समय दिया था। इस दौरान सिर्र्फ 526 वेंडरों ने ही अपनी फीस जमा कराई। इसके बाद पांच दिसंबर को टीवीसी की बैठक में करीब 2 हजार 674 वेंडरों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए सहमति दे दी गई। बचे हुए वेंडरों को निगम ने सर्टिफिकेट देकर वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर दिया है।
वेंडर एक्ट-2014 के अनुसार 10 में से 9 चरणों को हमने पूरा कर लिया है। वेंडरों की समस्या सुनने के लिए सेल बननी है। जो प्रोसेस में है। इस चरण को जल्द पूरा कर लेंगे। वैसे चंडीगढ़ 9 चरण पूरा करने वाला देश का पहला शहर बन गया है। अब वेंडरों को मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह से देने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम