{"_id":"4859125d1baeb88b796a5e9996c5bae3","slug":"legal-authority-would-compromise-in-court-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के मामले भी सुलझाएगी लीगल अथॉरिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के मामले भी सुलझाएगी लीगल अथॉरिटी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Feb 2014 05:18 PM IST
विज्ञापन
सेक्टर-43 जिला अदालत में बनाए गए मीडिएशन सेंटर में उपभोक्ता और लेबर कोर्ट में चलने वाले केसों में भी सेटलमेंट करवाई जाएगी।
विज्ञापन
यह जानकारी स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सदस्य सचिव न्यायाधीश लालचंद ने दी। उन्होंने बताया कि स्टेट लीगल अथारिटी ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से उपभोक्ता और लेबर कोर्ट में सेंटलमेंट करवाने के लिए परमीशन ले चुकी है।
परमिशन मिलने के बाद स्टेट लीगल अथारिटी ने उपभोक्ता और लेबर कोर्ट के जजों को केस मीडिएशन सेंटर में भेजने के लिए पत्र लिखा है।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता और लेबर कोर्ट में चलने वाले जिन केसों में समझौता होने की उम्मीद होती है तो उन्हें मीडिएशन सेंटर में भेजे ताकि लोगों को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके।
विज्ञापन
केसों में हो रहा है समझौता
जिला अदालत में जजों द्वारा मीडिएशन सेंटर में भेजे गए केसों में से 35 प्रतिशत केसों में सेंटलमेंट हो रही है।
मीडिएशन सेंटर में केस को सेटल करवाने के लिए तीन महीन का समय होता है। अगर किसी केस में लग रहा होता है कि इसमें समझौता हो सकता है तो एक सप्ताह का ओर समय मिल सकता है।
विज्ञापन
कौन से मामले होते हैं शामिल
मीडिएशन सेंटर मे अधिकतर आने वाले केसों में सिविल अपील, घरेलु हिंसा, चैक बाउंसिंग, गार्डियन एक्ट, हिंदू मैरिज एक्ट, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, वुमन सेल, सिविल अपील, रेंट केस, क्रिमिनल अपील, दहेज व जमानत याचिकाएं शामिल होती हैं।