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पानी की बर्बादी कर रहे हैं तो सावधान! आपके खिलाफ चलेगा अभियान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:37 AM IST
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पानी
- फोटो : demo
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रामनवमी (15 अप्रैल) से कार धोने पर नहीं, बल्कि बागवानी की सिंचाई, घर के बरामदे धोने, वाटर मीटर से लीकेज और कूलर से लीकेज और ओवर फ्लो को भी पानी की बर्बादी में शुमार किया जाएगा। नगर निगम ने पानी की बर्बादी करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए डेढ़ दर्जन एसडीओ के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। इसी सप्ताह से छापामार कार्रवाई शुरू हो जाएगी। यह अभियान 15 अप्रैल से लेकर 30 जून तक जारी रहेगा।
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निगम ने गर्मी शुरू होने पर पानी की किल्लत को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया है। निगम की ओर से जारी पब्लिक नोटिस में बताया गया है कि घरों की छतों और अंडरग्राउंड वाटर टैंकर ओवरफ्लो होने पर भी दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। इसके साथ ही पानी चढ़ाने केलिए टुल्लू पंप को बगैर बूस्टर चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि पानी बर्बादी होने पर पहली बार दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। चालान काटने के बाद जुर्माना राशि पानी के बिल के साथ जोड़कर भेज दी जाएगी। अगर दोबारा पानी बर्बादी का मामला पक़ड़ा गया है तो पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके लिए अलग से कोई नोटिस भी जारी नहीं किया जाएगा मालूम हो कि सबसे ज्यादा बागवानी में साफ पानी की बर्बादी वीआईपी इलाकों में होती है।
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बाल्टी का प्रयोग पर छूट
अगर कोई बाल्टी में से कम पानी का प्रयोग करके गाड़ी साफ करता है या फिर सिंचाई करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गर्मी में 116 एमजीडी पानी की डिमांड
शहर में इस समय 87 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि गर्मी के दिनों में यह मांग बढ़कर 116 एमजीडी हो जाती है। 67 एमजीडी की सप्लाई कजौली वाटर वर्क्स से और 20 एमजीडी की सप्लाई टयूबवेल से हो रही है।