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Chandigarh News: शिक्षा मंत्री की शिक्षक संगठनोंं के साथ हुई बैठक लेक्चरर का जल्द शुरू होगा ट्रांसफर ड्राइव
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सलाह संगठन ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, लेक्चरर की वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग
चंडीगढ़। शिक्षकों के लंबित पड़े मामलों को लेकर मंगलवार को शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने अलग-अलग शिक्षक संगठनों के साथ बैठकें की। बैठकों में शिक्षक प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी-अपनी मांग रखी। बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ मांगों को लेकर समय मांगा गया है। शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ट्रांसफर ड्राइव को लेकर एसीएस सहित अन्य मांगों पर अधिकारियों के साथ बैठक कर जुलाई तक पूरा कराया जाएगा। साथ ही लेक्चरर वर्ग के पदोन्नति, एसीपी, डीए, वरिष्ठता सूची व कंफर्मेशन आदि की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन (सलाह) के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अशोक शर्मा, महासचिव अजय मलिक, उपप्रधान राजवीर और मीडिया प्रभारी भूपेंद्र मलिक की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग कि पीजीटी लेक्चरर से पहली पदोन्नति प्रिंसिपल के पद पर होती है तो पहली एसीपी में 5400 ग्रेड-पे के स्थान पर प्रिंसिपल के पद का ही पे स्केल मिलना चाहिए। वहीं, काॅलेज कैडर की तरह एसीपी 4, 9, 14 साल में दी जाए, एसीपी फाइल पास करने के लिए समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने उप प्रधानाचार्य का पद बनाने और पीजीटी, लेक्चरर के लिए 5400 ग्रेड पे लागू करने की मांग की।
सभी हाई स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में बदला जाए, राज्य के सभी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल व पीएमश्री स्कूलों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत ही रखा जाए। सभी शिक्षकों के लिए चिकित्सा अवकाश प्रदान किया जाए और कैशलेस सुविधा जारी की जाए।
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अतिथियों ने रखी 18 साल सेवा वाले शिक्षकों को नियमित करने की मांग
अतिथि अध्यापक संघ के सदस्यों ने कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पारस शर्मा की अगुवाई में शिक्षा मंत्री से बैठक की। संघ ने दो ही मांगें मुख्य रूप से रखी, जिसमें 18 साल से काम कर रहे अतिथि अध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने और अतिथियों के लिए तबादला ड्राइव शुरू करने की मांग थी। इस पर शिक्षा मंत्री ने सहमति देते हुए कहा कि एक अध्यापक कम से कम पांच साल तक एक स्कूल में रहना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मांगों को लेकर सीएम से चर्चा करेंगी और जो भी संभव होगा उसे पूरा किया जाएगा।
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चंडीगढ़। शिक्षकों के लंबित पड़े मामलों को लेकर मंगलवार को शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने अलग-अलग शिक्षक संगठनों के साथ बैठकें की। बैठकों में शिक्षक प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी-अपनी मांग रखी। बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ मांगों को लेकर समय मांगा गया है। शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ट्रांसफर ड्राइव को लेकर एसीएस सहित अन्य मांगों पर अधिकारियों के साथ बैठक कर जुलाई तक पूरा कराया जाएगा। साथ ही लेक्चरर वर्ग के पदोन्नति, एसीपी, डीए, वरिष्ठता सूची व कंफर्मेशन आदि की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन (सलाह) के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अशोक शर्मा, महासचिव अजय मलिक, उपप्रधान राजवीर और मीडिया प्रभारी भूपेंद्र मलिक की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग कि पीजीटी लेक्चरर से पहली पदोन्नति प्रिंसिपल के पद पर होती है तो पहली एसीपी में 5400 ग्रेड-पे के स्थान पर प्रिंसिपल के पद का ही पे स्केल मिलना चाहिए। वहीं, काॅलेज कैडर की तरह एसीपी 4, 9, 14 साल में दी जाए, एसीपी फाइल पास करने के लिए समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने उप प्रधानाचार्य का पद बनाने और पीजीटी, लेक्चरर के लिए 5400 ग्रेड पे लागू करने की मांग की।
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सभी हाई स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में बदला जाए, राज्य के सभी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल व पीएमश्री स्कूलों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत ही रखा जाए। सभी शिक्षकों के लिए चिकित्सा अवकाश प्रदान किया जाए और कैशलेस सुविधा जारी की जाए।
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अतिथियों ने रखी 18 साल सेवा वाले शिक्षकों को नियमित करने की मांग
अतिथि अध्यापक संघ के सदस्यों ने कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पारस शर्मा की अगुवाई में शिक्षा मंत्री से बैठक की। संघ ने दो ही मांगें मुख्य रूप से रखी, जिसमें 18 साल से काम कर रहे अतिथि अध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने और अतिथियों के लिए तबादला ड्राइव शुरू करने की मांग थी। इस पर शिक्षा मंत्री ने सहमति देते हुए कहा कि एक अध्यापक कम से कम पांच साल तक एक स्कूल में रहना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मांगों को लेकर सीएम से चर्चा करेंगी और जो भी संभव होगा उसे पूरा किया जाएगा।