बड़ा खुलासाः पूर्व सीएम बादल के परिवार सहित सभी नेता पंजाब में ले रहे बिजली सब्सिडी का लाभ
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पंजाब में किसानों को सस्ती बिजली मुहैया कराने के लिए दी जा रही सब्सिडी का लाभ केवल छोटे व मझोले किसान ही नहीं बल्कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिजन भी उठा रहे हैं। यह खुलासा आरटीआई के तहत पीएसपीसीएल से मिली जानकारी में हुआ है।
फरीदकोट के एक समाजसेवी की ओर से आरटीआई एक्ट के तहत पीएसपीसीएल से यह जानकारी मांगी गई थी कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके परिवार के नाम पर कितने ट्यूबवेल कनेक्शन हैं।
उन पर लगी पानी की मोटरों के लिए दी जा रही बिजली पर कितनी सब्सिडी दी जा रही है। इसके जवाब में पीएसपीसीएल के सीनियर कार्यकारी इंजीनियर की ओर से बताया गया कि बादल परिवार के नाम पानी के मोटरों के तीन कनेक्शन हैं। इनमें से एक प्रकाश सिंह बादल के नाम, दूसरा उनकी दिवंगत पत्नी सुरिंदर कौर बादल के नाम और तीसरा उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल के नाम पर है।
बादल परिवार इन पर अब तक 1 लाख 11 हजार 276 रुपये की सब्सिडी ले चुका है। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान राज्य के 34,52,600 खपतकारों को 8855 करोड़ रुपये का सब्सिडी का लाभ दिया गया। वर्ष 2019-20 के दौरान 37,40,348 खपतकारों को 9674 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
इनमें एससी, गैर एससी बीपीएल और बीसी घरेलू खपतकारों को 200 यूनिट प्रति महीना मुफ्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को प्रति महीना 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। राज्य में कृषि के लिए 14 लाख खपतकारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।
पंजाब सरकार 1 लाख 44 हजार उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली मुहैया करा रही है। तकरीबन 1,05,000 छोटे बिजली खपतकारों से प्रति यूनिट 4.99 रुपये की दर से वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा 30 हजार मध्यमवर्गीय और 9 हजार बड़े सप्लाई खपतकारों को पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से रियायती बिजली दी जा रही है।
कैप्टन ने 2017 में दे दिया था सब्सिडी छोड़ने का आवेदन
मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल ने बताया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जुलाई 2017 में बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए आवेदन किया था। फिर उन्होंने राज्य के बड़े जमींदारों से ट्यूबवेल पर बिजली सब्सिडी छोड़ने का आह्वान किया था। इसके बाद पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल सिंह खैरा ने तो सब्सिडी छोड़ दी लेकिन किसी बड़े नेता ने ऐसा नहीं किया।