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चुनाव आयोग: पाबंदी लगी तो नेताओं ने बदली रणनीति, यूट्यूब पर इंटरव्यू्... फेसबुक-व्हाट्सएप व इंस्टाग्राम पर कर रहे साझा
Wed, 19 Jan 2022 01:35 PM IST
ajay kumar
रविंदर शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
रविंदर शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 19 Jan 2022 01:35 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने कोरोना की वजह से पाबंदी लगाई तो नेताओं ने अपनी चुनावी रणनीति ही बदल दी है। इस बार प्रचार करने का तरीका जुदा है। नेताओं के सामने सोशल मीडिया ही सबसे बड़ा हथियार है और इसका सभी उपयोग करने में जुटे हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोविड ने जहां आम इंसान के जीने का अंदाज बदला है, वहीं नेताओं ने पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल दिया है। चुनाव आयोग ने कोविड के खतरे को देखते हुए फिलहाल चुनावी रैलियों और नुक्कड़ बैठकों पर रोक लगाई तो नेता भी अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए यूट्यूब चैनलों को इंटरव्यू दे रहे हैं और अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में उसे शेयर करने लगे हैं।
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नेताओं के चुनाव प्रचार करने के इस तरीके ने चुनाव आयोग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जहां पहले वे खुले में होने वाली रैलियों में पहुंचने वाले लोगों और प्रबंधों पर नजर रखते थे लेकिन अब उन्हें चुनावी खर्च के लिए व्हाट्सएप ग्रुप, मैसेंजर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब चैनलों व अन्य सोशल मीडिया साइट्स को खंगालना होगा, जो चुनाव आयोग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं।
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बताया जा रहा है कि इसके लिए हर पार्टी ने आईटी विंग बनाकर पदाधिकारियों को तैनात किया, जिसमें हर पदाधिकारी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि कुछ विधायकों ने इस तरह के अपने अलग विंग स्थापित कर माहिरों की सेवाएं ली हैं और इस पर लाखों खर्च किए जा रहे हैं। यह आईटी विंग ही नेताओं के चैनलों पर इंटरव्यू करवाते हैं और बाद में इसे व्हाट्सएप, मैसेंजर, फेसबुक तथा इंस्टाग्राम ग्रुपों में साझा करते हैं। कई नेता तो अपने विरोधियों पर हमला करने के साथ-साथ लोगों के सामने अपनी बात रखने के लिए ट्विटर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
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जिला चुनाव अधिकारी कम डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने बताया कि इसके लिए आईटी माहिरों की सेवाएं ली गई हैं, जो इस तरह के इंटरव्यू और अन्य चुनावी प्रचार पर नजर रखेंगे। यूट्यूब पर चलने वाले इंटरव्यू और इसे ग्रुपों में डालने का पता लगाने के लिए आईटी माहिर लगातार ग्रुपों को खंगाल रहे हैं। इसके लिए आईटी सेल के लोग दिन रात काम कर रहे हैं। इसके लिए जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।
हथियार जमा...
पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य के करीब 91 फीसदी लाइसेंसी हथियारों को जमा करा लिया गया है। राज्य में चुनाव के दौरान हिंसक घटनाओं पर विराम लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है।