{"_id":"106d3ee8b84e5c58c0f533a9f5a688f1","slug":"lawyers-working-in-the-district-court-had-stalled","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों ने जिला अदालत में काम ठप रखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों ने जिला अदालत में काम ठप रखा
अमर उजाला चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Jan 2014 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर 43 की जिला अदालत में वकीलों के चैंबर्स के लिए जमा राशि के दुरुपयोग के मामले में ठेकेदार पर मामला दर्ज नहीं करने पर वकीलों ने सोमवार को कामकाज ठप रखा। वकील चैंबरों के बाहर बैठे रहे। वहीं जिला अदालत के बाहर और अंदर पुलिस तैनात थी। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान और सेक्रेटरी बलजीत सिंह समेत पांच वकील का पैनल अपनी मांग को लेकर एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल से सेक्टर-9 पुलिस हेडक्वार्टर में मिला।
वकीलाें ने कहा कि चैंबर बनाने वाले ठेकेदार ने करीब एक करोड़ से ज्यादा रुपयाें का घोटाला किया है। उन्हाेंने मामले की शिकायत पुलिस को भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसएसपी ने वकीलों को जल्द से जल्द मामले की जांच करवाकर मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया।
वहीं कामकाज ठप होने के कारण दूसरे राज्यों से आए लोगों को काफी परेशान का सामना करना पड़ा। लोग अदालत में पहुंचे और मामलों की तारीख लेकर वापिस चले गए। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान ने बताया कि चैंबर बनाने वाले पहले ठेेकेदार ने चैंबर्स बनाने में करीब चार करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इसके अलावा ठेकेदार चैंबर्स का काम अधूरा छोड़ दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
वकीलाें ने कहा कि चैंबर बनाने वाले ठेकेदार ने करीब एक करोड़ से ज्यादा रुपयाें का घोटाला किया है। उन्हाेंने मामले की शिकायत पुलिस को भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसएसपी ने वकीलों को जल्द से जल्द मामले की जांच करवाकर मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
वहीं कामकाज ठप होने के कारण दूसरे राज्यों से आए लोगों को काफी परेशान का सामना करना पड़ा। लोग अदालत में पहुंचे और मामलों की तारीख लेकर वापिस चले गए। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान ने बताया कि चैंबर बनाने वाले पहले ठेेकेदार ने चैंबर्स बनाने में करीब चार करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इसके अलावा ठेकेदार चैंबर्स का काम अधूरा छोड़ दिया था।
विज्ञापन