कुरुक्षेत्र: पुलिस ने सिखों को दौड़ाकर पीटा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में छठी पातशाही गुरुद्वारे के बाहर एचएसजीएमसी ने कब्जे के लिए बुधवार को बैरिकेड तोड़ पथराव शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। लाठीचार्ज में दर्जनों एचएसजीएमसी समर्थक, पुलिस वाले और मीडिया कर्मी घायल हो गए।
वारदात में जख्मी पुलिस वालों के बयान पर एचएसजीएमसी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि दो अगस्त से एचएसजीएमसी ने छठी पातशाही की सेवा संभालने के लिए कुरुक्षेत्र के मेन रोड पर मोर्चा लगाया था। पिछले चार दिनों में तीन बार बैरिकेड तोड़े लेकिन बुधवार जैसे हालात बने थे।
जैसे ही एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कैथल के चीका में नौवीं पातशाही गुरुद्वारे की सेवा संभालने का ऐलान किया और कुरुक्षेत्र से मोर्चा हटाने की अपील की। बस इतना सुनते ही मोर्चे पर बैठे एचएसजीएमसी समर्थक भड़क गए। एचएसजीएमसी समर्थक कुरुक्षेत्र के छठी पातशाही गुरुद्वारे का कब्जा लिए बगैर मोर्चा न छोड़ने के लिए अड़ गए।
नंगी तलवारें लेकर आगे बढ़ने लगे समर्थक
एचएसजीएमसी नेताओं को उम्मीद नहीं थी कि इस ऐलान के बाद बवाल इस कदर भड़केगा कि पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस और पानी की बौछार छोड़ने के हालात बन जाएंगे। एचएसजीएमसी समर्थकों ने शीर्ष नेताओं की अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद छठी पातशाही की ओर नंगी तलवारें लेकर आगे बढ़ने लगे।
इन्होंने पुलिस-प्रशासन के लगाए बैरिकेड तोड़ दिए और तलवारों से बैरिकेड के आगे बांधे रस्से काट डाले। पुलिस ने भी दमखम दिखाते हुए आक्रामक एचएसजीएमसी समर्थकों को रोकने का प्रयास किया। जवाब में पथराव हो गया। कुछ सिखों ने आगे आने वाले पुलिस कर्मियों पर डंडों से प्रहार कर दिए।
इन हमलों में ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। इधर से पुलिस ने पहले तो जमकर लाठियां भांजी। इसके बाद ईंट और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इधर, बेकाबू एचएसजीएमसी के समर्थक गुरुद्वारा छठी पातशाही के पिछले गेट तक जा पहुंचे। गेट पर भारी संख्या में पुलिस और गेट बंद होने के कारण वे भीतर नहीं जा पाए।
पुलिस बल ने मीडिया कर्मियों को भी नहीं बख्शा
हालांकि भीतर से एसजीपीसी अमृतसर समर्थकों ने भी एचएसजीएमसी समर्थकों पर पथराव कर दिया। हालात बिगड़ने के बाद मौके पर पहुंचे आईजी आरएस देसवाल, डीसी निखिल गजराज और एसपी अश्विनी शैणवी ने मौके का जायजा लिया।
इधर, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल ने मीडिया कर्मियों को भी नहीं बख्शा। उनके कैमरे तोड़ते हुए उन्हें भी जमकर पीटा। इसके चलते कई पत्रकारों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।
घटना में लगभग आधा दर्जन मीडिया कर्मियों सहित दो दर्जन सिख समर्थक एवं दर्जनभर पुलिस कर्मियों के घायल होने का समाचार है। कार्रवाई के बीच फायर ब्रिगेड की गाड़ी और थीम पार्क में खडे़ दर्जनों वाहनों के शीशे भी पथराव में टूट गए।
सरकार पर हालात बिगाड़ने का आरोप
पत्रकार विशाल जोशी तथा सर्वजीत सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। इन्हें इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं एचएसजीएमसी समर्थक अमरीक सिंह अंबाला, गुरदेव सिंह पिलखनी, लखबीर सिंह, रणबीर सिंह फौसी, मजिंद्र सिंह ठसका, भूपेंद्र सिंह, भगवंत सिंह, युवा अंबाला जिला प्रधान गुरदीप सिंह, छबेग सिंह, हरभजन सिंह, स्वर्ण सिंह तथा पुलिसकर्मी छोटे लाल इलाज भी एलएनजीपी अस्पताल में उपचाराधीन है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने पुलिस द्वारा मीडिया कर्मियों पर लाठियां भांजने की घटना का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस ने टारगेट बनाकर मीडिया कर्मियों पर लाठियां बरसाई हैं वह निंदनीय है।
हरियाणा सरकार भाई-भाई को लड़ाकर अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना चाहती है। कुरुक्षेत्र में जो हालात पैदा हुए हैं उसके लिए हरियाणा के सीएम जिम्मेदार हैं। पिछले पांच दिन से जिले के एसपी व डीसी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई।