एक साल पहले मृत ये कलाकार अब देगा लोगों को संदेश

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 26 Oct 2013 11:10 AM IST
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late Jaspal Bhatti is now brand ambassador of traffice police

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कलाकार जसपाल भट्टी की मौत को भले ही एक साल हो गया हो लेकिन अब उनका नाम वाहन चालकों को सीट बेल्ट बांधने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संदेश देगा।
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने भट्टी को एक साल के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
भट्टी की मौत सड़क हादसे में हुई थी। हादसे के वक्त वे कार में पीछे की सीट पर बैठे हुए थे। पुलिस का मानना है कि भले ही पीछे की सीट पर बेल्ट बांधने का रूल नहीं है, लेकिन अगर उन्होंने बेल्ट बांधा होता तो शायद आज वे जिंदा होते। पुलिस भट्टी को एंबेसडर बनाकर लोगों को सीट बेल्ट बांधने के लिए प्रेरित करेगी।
सेक्टर-नौ स्थित पुलिस हेड क्वार्टर में प्रेसवार्ता में ट्रैफिक एसएसपी मनीष चौधरी ने इसकी घोषणा की। अब भट्टी की पत्नी सविता, उनका बेटा जसराज और नॉन सेंस क्लब के सदस्य लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करेंगे।

सविता भट्टी ने यह सम्मान देने के लिए आईजी और एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का धन्यवाद दिया। उन्होंने पेक के ऑडिटोरियम का नाम भट्टी के नाम रखने का भी सुझाव दिया था लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

भट्टी परिवार को प्रशासन से शिकायत

सविता भट्टी ने कहा कि शहर में जब मुंबई से कोई छोटा कलाकार भी आ जाता है तो प्रशासन खूब सम्मान देता है। भट्टी को शहर का कलाकार होने के बावजूद उतना सम्मान नहीं मिला, जितने के वे हकदार थे।

वे मुंबई छोड़कर चंडीगढ़ आ गए थे। इसलिए उनके परिवार की इच्छा है कि शहर में कोई जगह ऐसी हो जो जसपाल भट्टी के नाम से जानी जाए।

अब पीछे की सीट पर भी बांधते हैं बेल्ट
सविता भट्टी ने बताया कि अब वे और उनका बेटा जब भी पिछली सीट पर बैठ कर यात्रा करते हैं तो सीट बेल्ट जरूर बांधते हैं। यहां तक की भट्टी की मौत के बाद एसएसपी मनीष चौधरी भी पिछली सीट पर सीट बेल्ट बांधते हैं।

शहर में हादसों की संख्या घटी
ट्रैफिक एसएसपी मनीष चौधरी का कहना है कि पिछले साल हादसों मेें 23 अक्तूबर तक 108 लोगों की मौत हुई थी। इस बार 19 कम लोगों की मौत हुई हैं। प्रेसवार्ता में इंस्पेक्टर राम दयाल ने भी ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए जागरूक किया। राम दयाल खुद भी विकलांग है। वे कई साल पहले रेल हादसे में घायल हो गए थे।
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