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चंडीगढ़ में लावारिस शवों की बेकद्री: पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण अंतिम संस्कार में लग रहे 15 से ज्यादा दिन
Tue, 22 Aug 2023 03:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 22 Aug 2023 03:33 PM IST
सार
ऑल इंडिया सेवा समिति चंडीगढ़ के सदस्य मदन लाल वशिष्ठ ने इसी वर्ष मार्च में डीजीपी प्रवीर रंजन को एक पत्र लिखा था। उसमें कहा गया था कि पूर्व एसएसपी नीलांबरी जगादले के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा। ऐसे में देरी से पोस्टमार्टम के चलते लावारिस शवों की दुर्गति हो रही है।
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लावारिस शवों का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस शहर में लोग बेजुबान पक्षियों का भी दर्द महसूस कर लेते हैं, वहां वर्षों से लावारिस शवों की बेकद्री हो रही है। ज्यादातर मामलों में अंतिम संस्कार तब होता है जब शव सड़-गल चुके होते हैं। यहां तक कि इनमें कीड़े भी लग चुके होते हैं। इसके पीछे चंडीगढ़ पुलिस का ढुलमुल रवैया है।
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शहर की पूर्व एसएसपी नीलांबरी जगादले ने वर्ष 2018 में आदेश जारी किया था कि लावारिस शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई सात दिनों के भीतर पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद शहर के सरकारी अस्पतालों की मोर्चरी में शव कई दिनों तक पड़े-पड़े सड़ रहे हैं। पिछले लगभग 55 वर्षों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाली संस्था ऑल इंडिया सेवा समिति चंडीगढ़ का कहना है कि वह लगातार चंडीगढ़ पुलिस से सात दिनों के भीतर शवों के अंतिम संस्कार की गुहार लगा रही है, मगर पुलिस का रवैया ज्यों का त्यों है।
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वर्ष 2022 के आंकड़ों बताते हैं कि उस साल लावारिस शवों के अंतिम संस्कार में अधिकतम 27 दिन की देरी हुई। वहीं, अन्य मामलों में पोस्टमार्टम में देरी के चलते 10 से 16 दिनों की देरी से लावारिश शवों के अंतिम संस्कार हुए। सेक्टर-39 थाने के अंतर्गत मिले लावारिस लाश का संस्कार नवंबर 2022 में 27 दिन की देरी से हुआ था। वहीं सेक्टर-17 थाना क्षेत्र में मिले एक शव का अंतिम संस्कार सितंबर 2022 में 23 दिन की देरी से हुआ था।
इस वर्ष सेक्टर-19 थाना क्षेत्र में मिले तीन शवों के अंतिम संस्कार 20, 22 और 23 दिन की देरी से हुए। सारंगपुर थाना क्षेत्र में मिले एक शव का संस्कार 20 दिनों की देरी से हुआ। आंकड़ों के मुताबिक, ऑल इंडिया सेवा समिति चंडीगढ़ ने वर्ष 2022 में 100 से ज्यादा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया था जबकि इस वर्ष जुलाई तक 60 से ज्यादा शवों का दाह संस्कार किया जा चुका है। इनमें ज्यादातर दाह संस्कार डीडीआर दर्ज होने के 10 दिनों के बाद ही हुए हैं।
डीजीपी से भी लगाई थी गुहार
ऑल इंडिया सेवा समिति चंडीगढ़ के सदस्य मदन लाल वशिष्ठ ने इसी वर्ष मार्च में डीजीपी प्रवीर रंजन को एक पत्र लिखा था। उसमें कहा गया था कि पूर्व एसएसपी नीलांबरी जगादले के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा। ऐसे में देरी से पोस्टमार्टम के चलते लावारिस शवों की दुर्गति हो रही है। स्थिति यह है कि शवों में कीड़े पड़ जाते हैं और कई बार तो वह गल चुके होते हैं और उनसे तेज बदबू भी आती है। ऐसे में मांग की गई थी कि सभी थानों के प्रभारियों और जांचकर्ता अफसरों को आदेश जारी किए जाएं कि पूर्व एसएसपी के आदेशों का पालन करें और समय पर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवाएं। वशिष्ठ ने वर्ष 2018 में पुलिस मुख्यालय में पब्लिक विंडो पर शिकायत देकर कहा था कि सेक्टर 26 और मलोया थाना क्षेत्र में मिले दो लावारिश शव मोर्चरी में 25 दिनों से पड़े-पड़े गल रहे हैं। तब उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई थी।
वहीं संस्था के सदस्य मदन लाल वशिष्ठ का कहना है कि कई बार पुलिसकर्मी उनकी संस्था के सदस्यों से साथ अशोभनीय और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। वहीं कई बार लावारिस लाश की जानकारी संबंधित थाने तक पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं। ऐसे में संस्था को पूर्ण सहयोग नहीं मिल पा रहा है। संस्था का कहना है कि चंडीगढ़ पुलिस की ओर से ही यह घोर लापरवाही हो रही है जबकि हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी लावारिस लाशों का समय पर पोस्टमार्टम हो रहा है।
कहा था-मानवता और मृत शरीर के नैतिक सम्मान का अपमान
एक अक्तूबर 2018 को जारी आदेश तत्कालीन एसएसपी नीलांबरी जगादले ने कहा था कि उनके संज्ञान में आया है कि लावारिस शवों के पोस्टमार्टम में अनावश्यक रूप से देरी हो रही है और कुछ मामलों में 20 दिन की देरी से भी पोस्टमार्टम हो रहा है। इस देरी से शव खराब होने लगते हैं। पूर्व एसएसपी ने कहा था कि यह मानवता और मृत शरीर के नैतिक सम्मान का अपमान है। ऐसे में लावारिस शवों के पोस्टमार्टम को लेकर सभी औपचारिकताएं और पोस्टमार्टम सात दिनों में पूरे किए जाएं। आदेश की प्रति सभी एरिया डीएसपी, थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्ज को भेजी गई थी।
मामला फिलहाल मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इस विषय में पता कर मामले की जांच की जाएगी। - राज कुमार, आईजीपी, चंडीगढ़