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छत्तीसगढ़ में पंजाब का बेटा शहीद, नम आखों से दी गई विदाई
ब्यूरो/अमर उजाला, बटाला(पंजाब)
Updated Tue, 14 Mar 2017 09:28 AM IST
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छत्तीसगढ़ में पंजाब का बेटा शहीद
छत्तीसगढ़ के बस्तर में शनिवार को नक्सलियों के हमले में 12 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए। इन शहीद जवानों में बटाला का बेटा भी शामिल हैं। रविवार सुबह शहादत की खबर सुनते ही शहीद सीआरपीएफ इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के पारिवारिक सदस्यों में मातम छा गया।
इंस्पेक्टर जगजीत सिंह बटाला के गांव कोटला शर्फ का रहने वाले थे और 219 वीं बटालियन में तैनात थे। परिवार ने जगजीत सिंह की शहादत पर गर्व जताया है। समाचार लिखे जाने तक जवान का शव गांव में नही पहुंचा था। शहीद के भाई गुरजंट सिंह और मनजीत सिंह ने बताया कि उसका भाई जगजीत सिंह सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर थे और 219 बटालियन मेें तैनात था।
शहीद के भाई ने बताया कि जगजीत के दो छोटे-छोटे बेटे हैं। शहीद जगजीत सिंह 2011 में सीआरपीएप में एएसआई के रूप में भर्ती हुए थे। कुछ समय के बाद ही प्रोमोशन लेकर सहायक कमांडेंट बनने वाला था। 11 मार्च को वह अपने साथियों समेत रूटीन सर्च आपरेशन पर निकले थे। इस दौरान रास्ते में नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
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नक्सलियों से लोहा लेते समय देश के 12 जवान शहीद हो गए, जिसमें जगजीत सिंह भी शामिल थे। शहीद जगजीत सिंह के पारिवारिक सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि सरकार जल्द से इस नक्सलवाद को समाप्त करें, ताकि किसी भी जवान के बच्चे अनाथ न हों। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को जगजीत सिंह की शहादत पर गर्व है।
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इंस्पेक्टर जगजीत सिंह बटाला के गांव कोटला शर्फ का रहने वाले थे और 219 वीं बटालियन में तैनात थे। परिवार ने जगजीत सिंह की शहादत पर गर्व जताया है। समाचार लिखे जाने तक जवान का शव गांव में नही पहुंचा था। शहीद के भाई गुरजंट सिंह और मनजीत सिंह ने बताया कि उसका भाई जगजीत सिंह सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर थे और 219 बटालियन मेें तैनात था।
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शहीद के भाई ने बताया कि जगजीत के दो छोटे-छोटे बेटे हैं। शहीद जगजीत सिंह 2011 में सीआरपीएप में एएसआई के रूप में भर्ती हुए थे। कुछ समय के बाद ही प्रोमोशन लेकर सहायक कमांडेंट बनने वाला था। 11 मार्च को वह अपने साथियों समेत रूटीन सर्च आपरेशन पर निकले थे। इस दौरान रास्ते में नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
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नक्सलियों से लोहा लेते समय देश के 12 जवान शहीद हो गए, जिसमें जगजीत सिंह भी शामिल थे। शहीद जगजीत सिंह के पारिवारिक सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि सरकार जल्द से इस नक्सलवाद को समाप्त करें, ताकि किसी भी जवान के बच्चे अनाथ न हों। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को जगजीत सिंह की शहादत पर गर्व है।