{"_id":"58d379ee4f1c1b425c1a4080","slug":"lady-gave-birth-to-boy-baby-in-running-bus-at-yamunanagar-of-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चलती बस में दर्द से कराहने लगी गर्भवती, ड्राइवर ने किया वो काम आप भी करेंगे सलाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलती बस में दर्द से कराहने लगी गर्भवती, ड्राइवर ने किया वो काम आप भी करेंगे सलाम
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:24 AM IST
विज्ञापन
महिला ने बस में दिया बच्चे को जन्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चलती बस में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यह देखते हुए ड्राइवर और कंडक्टर ने बहादुरी दिखाते हुए वो काम किया, जानकर सलाम करेंगे आप। घटना हरियाणा के यमुनानगर की है।
बस में बैठी सात माह की गर्भवती महिला को बिलासपुर के समीप बुधवार दोपहर 12:30 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस दौरान महिला की चींख-पुकार सुन चालक-परिचालक समेत बस में बैठे सभी लोग सकते में पड़ गए।
महिला की पीड़ा बढ़ती देख चालक ने कुछ ही मिनटों में बस को तेज रफ्तार में दौड़ाकर सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचा दिया। यहां महिला के नीचे उतरने की हालत में न होने पर अस्पताल के स्टाफ ने बस की सभी सवारियों को नीचे उतार बस में ही महिला की डिलीवरी कर दी। महिला ने लड़के को जन्म दिया और दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस में बैठी सात माह की गर्भवती महिला को बिलासपुर के समीप बुधवार दोपहर 12:30 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस दौरान महिला की चींख-पुकार सुन चालक-परिचालक समेत बस में बैठे सभी लोग सकते में पड़ गए।
विज्ञापन
महिला की पीड़ा बढ़ती देख चालक ने कुछ ही मिनटों में बस को तेज रफ्तार में दौड़ाकर सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचा दिया। यहां महिला के नीचे उतरने की हालत में न होने पर अस्पताल के स्टाफ ने बस की सभी सवारियों को नीचे उतार बस में ही महिला की डिलीवरी कर दी। महिला ने लड़के को जन्म दिया और दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश से सास के साथ आ रही थी महिला
महिला ने बस में दिया बच्चे को जन्म
हिमाचल प्रदेश के नाहन में गांव विक्रमबाल निवासी सात माह की गर्भवती रुकसाना अपनी सास के साथ बुधवार को चेकअप कराने जगाधरी सिविल अस्पताल आ रहे थे। दोनों कालांआब बस स्टॉप से नारायणगढ़ से यमुनानगर आ रही यमुनानगर डिपो की बस में बैठ गए। जब बस बिलासपुर समीप पहुंची तो रुकसाना को प्रसव पीड़ा हुई और वह चींखने-चिल्लाने लगी।
उसकी हालत देख उसकी सास व बस में बैठे सभी लोग सकते में पड़ गए। बस परिचालक रविंद्र ने इस बारे में चालक जगदेव सिंह को बताया। जगदेव सिंह व रविंद्र दोनों ने बस को बिना रोके जल्द से जल्द सीधे जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। बस चालक जगदेव ने बस को तेज रफ्तार में दौड़ाकर कुछ ही मिनटों में उसे करीब 13 किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचाया और बस को सीधे अस्पताल के परिसर में घुसा दिया।
बस को रोकने के बाद चालक जगदेव व परिचालक रविंद्र ने दौड़कर अस्पताल स्टाफ को बुलाया। स्टाफ नर्स ने रुकसाना की जांच करने पर पाया कि वह बस से नीचे लाए जाने की स्थिति में नहीं है। इस पर बस की 30-35 सवारियों को नीचे उतारा गया। कुछ ही देर बाद रुकसाना की सुरक्षित डिलीवरी हो गई और उसे लड़का हुआ।
उसकी हालत देख उसकी सास व बस में बैठे सभी लोग सकते में पड़ गए। बस परिचालक रविंद्र ने इस बारे में चालक जगदेव सिंह को बताया। जगदेव सिंह व रविंद्र दोनों ने बस को बिना रोके जल्द से जल्द सीधे जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। बस चालक जगदेव ने बस को तेज रफ्तार में दौड़ाकर कुछ ही मिनटों में उसे करीब 13 किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचाया और बस को सीधे अस्पताल के परिसर में घुसा दिया।
बस को रोकने के बाद चालक जगदेव व परिचालक रविंद्र ने दौड़कर अस्पताल स्टाफ को बुलाया। स्टाफ नर्स ने रुकसाना की जांच करने पर पाया कि वह बस से नीचे लाए जाने की स्थिति में नहीं है। इस पर बस की 30-35 सवारियों को नीचे उतारा गया। कुछ ही देर बाद रुकसाना की सुरक्षित डिलीवरी हो गई और उसे लड़का हुआ।