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लैब अटेंडेंट के घर डेढ़ करोड़ रुपये बरसे छप्पर फाड़ के, जानिए कैसे खुला किस्मत का ताला
Thu, 05 Sep 2019 11:48 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 05 Sep 2019 11:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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लैब अटेंडेंट के घर पैसा बरसा, वो भी छप्पर फाड़ के। वह डेढ़ करोड़ का मालिक बन गया, जानना चाहेंगे कैसे उसकी किस्मत का ताला खुला। दरअसल, किस्मत वो है जिसके भरोसे पर न जाने कितनी उम्मीदें अपना दामन थामे बैठी रहती हैं कि एक दिन किस्मत बदलेगी और अच्छा वक्त आएगा।
इस तरह का अच्छा वक्त जीरकपुर में एकेएस कॉलोनी में रहने वाले दिव्यांग हरभगवान गिर का तब आ गया, जब उनकी डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी निकल गई। यह जानने के बाद इनामी राशि के लिए उन्होंने लॉटरी विभाग के पास दस्तावेज जमा करवा दिए हैं।
चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के थ्री बीआरडी केंद्रीय विद्यालय में लैब अटेंडेंट के पद पर तैनात हरभगवान गिर दस साल से लॉटरी खरीद रहे थे। उन्हों ने बताया कि पिछले दस साल से उन्होंने लोहड़ी, होली व रक्षाबंधन कोई पंजाब स्टेट बंपर लॉटरी का टिकट नहीं छोड़ा।
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इस तरह का अच्छा वक्त जीरकपुर में एकेएस कॉलोनी में रहने वाले दिव्यांग हरभगवान गिर का तब आ गया, जब उनकी डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी निकल गई। यह जानने के बाद इनामी राशि के लिए उन्होंने लॉटरी विभाग के पास दस्तावेज जमा करवा दिए हैं।
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चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के थ्री बीआरडी केंद्रीय विद्यालय में लैब अटेंडेंट के पद पर तैनात हरभगवान गिर दस साल से लॉटरी खरीद रहे थे। उन्हों ने बताया कि पिछले दस साल से उन्होंने लोहड़ी, होली व रक्षाबंधन कोई पंजाब स्टेट बंपर लॉटरी का टिकट नहीं छोड़ा।
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इस साल उन्होंने 12 अगस्त को राखी बंपर लॉटरी के तीन टिकट खरीदे थे। तीन सितंबर की शाम को ही इसका रिजल्ट आ गया था, लेकिन उन्होंने चेक ही नहीं किया। चार सितंबर को सुबह ऑफिस जाने से पहले खरीदे गए लॉटरी नंबरों को चेक किया तो तीन लॉटरियों में टिकट नंबर बी-750320 को ऑनलाइन चेक करते समय वह दंग रह गए क्योंकि उन्हें लॉटरी में डेढ़ करोड़ रुपये का पहला इनाम निकला था।
बेटी को होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने के बाद विदेश नौकरी के लिए भेजेंगे
लॉटरी में जीते गए इनामी राशि से हरभगवान अपनी छोटी बेटी कुलविंदर कौर को हायर एजुकेशन के बाद नौकरी के लिए विदेश भेजेंगे। बेटी 12वीं कर चुकी है और उसे होटल मैनेजमेंट का कोर्स और आइलेट्स कराने के बाद नौकरी के लिए बेटी को ऑस्ट्रेलिया भेजेंगे। इसके अलावा बचे पैसों से अपने परिवार के लिए एक अच्छा मकान खरीदेंगे और बेटी की शादी करेंगे।
बेटी को होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने के बाद विदेश नौकरी के लिए भेजेंगे
लॉटरी में जीते गए इनामी राशि से हरभगवान अपनी छोटी बेटी कुलविंदर कौर को हायर एजुकेशन के बाद नौकरी के लिए विदेश भेजेंगे। बेटी 12वीं कर चुकी है और उसे होटल मैनेजमेंट का कोर्स और आइलेट्स कराने के बाद नौकरी के लिए बेटी को ऑस्ट्रेलिया भेजेंगे। इसके अलावा बचे पैसों से अपने परिवार के लिए एक अच्छा मकान खरीदेंगे और बेटी की शादी करेंगे।