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Chandigarh News: अनिल मसीह की गलतियों से कुलदीप ने ली सीख, न बैलेट पेपर खोला, न मतों की खुद गिनती की

Tue, 05 Mar 2024 01:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:56 AM IST
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Kuldeep learned from Anil Masih's mistakes, neither opened the ballot paper nor counted the votes himself.
चंडीगढ़। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में पिछली गलतियों से सीख लेते हुए इस बार कई चीजें बदली हुईं नजर आईं। बतौर पीठासीन अधिकारी मेयर कुलदीप कुमार ने एक भी बैलेट पेपर खोल कर नहीं देखा। उनके ऊपर ही साइन किया ताकि पिछली बार की तरह विवाद न हो। उन्होंने मतों की गिनती भी खुद नहीं की। इसके लिए नगर निगम के अधिकारी की ही मदद ली। इस पर भाजपा ने आपत्ति भी जताई और मौके पर एक्ट भी पढ़ा गया।चुनाव शुरू होने से पहले कुलदीप कुमार ने कहा कि वह निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराएंगे। जो भी नतीजे आएंगे, उन्हें मंजूर होंगे। उन्होंने मनोनीत व अन्य पार्षदों को कहा कि वह सभी सदन की गरिमा का ध्यान रखें और कोई भी वेल में न आए। इसके बाद प्रक्रिया शुरू हुई और कुछ ही मिनटों बाद मेयर कुलदीप कुमार के साथ नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गुरिंदर सिंह सोढ़ी भी बैठे नजर आए। इस पर पार्षद सौरभ जोशी ने सवाल उठाया और पूछा कि वह ऐसा कैसे कर सकते हैं। इस पर सचिव शंभू राठी ने नगर निगम के एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि मेयर चाहें तो अपनी सहायता के लिए नगर निगम के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की मदद ले सकते हैं। उन्होंने वोटों की गिनती के लिए गुरिंदर सिंह सोढ़ी से सहायता मांगी है। इसके बाद सोढ़ी ही मतदान के बाद बैलेट पेपर को इकट्ठा करते और फिर उनकी गिनती करते नजर आए। यह सब पिछली गलतियों से सीख लेकर किया गया। मनोनीत पार्षद व पूर्व पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने 30 जनवरी को हुए चुनाव में मतदान के बाद एक-एक बैलेट पेपर को खोलकर देखा था और उसके बाद साइन किया था। इसी दौरान उन्होंने बैलेट पेपर पर निशान लगाए थे।
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कैमरे का एंगल नहीं हुए स्विच, रिकॉर्ड हुई एक-एक गतिविधि
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के दौरान कैमरे के एंगल स्विच नहीं हुए। सामने एक मास्टर कैमरा लगा हुआ था, जिसके माध्यम से ही सारी चुनाव की गतिविधि दिखाई गई। इसके अलावा भी सदन के अंदर कई कैमरे लगे हुए थे, जिसमें हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया गया है। इस बार सदन के अंदर पिछली बार से भी ज्यादा मार्शल मौजूद थे। चुनाव की शुरुआत में डीसी विनय प्रताप सिंह मौजूद रहे लेकिन थोड़ी देर बाद वह चले गए। नतीजों की घोषणा के बाद मौके पर ही बैलेट पेपर को एक बॉक्स में रखा गया और उस पर सरकारी सील लगाने के लिए मेयर कुलदीप कुमार ने साइन भी किए, जिसके बाद उन्हें स्ट्रांग रूम में भेज दिया गया। चुनाव शुरू होने से पहले पार्षदों को बैलेट पेपर दिखाए गए और प्रक्रिया को समझाया गया। मतों की गिनती के लिए भाजपा के पार्षद सौरभ जोशी और कांग्रेस की गुरबक्श रावत पोलिंग एजेंट बने।
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पार्षदों से लेकर अधिकारी तक ने ली चुटकी
चुनाव प्रक्रिया के बीच में पिछली बार हुए विवाद को लेकर पार्षद एक-दूसरे की चुटकी लेते हुए नजर आए। सांसद किरण खेर ने कहा कि पिछली बार जो हुआ, उसको लेकर किसी पर नाम लेकर ताना न कसा जाए। जो कुछ हुआ उसे भूल कर, मिट्टी डाल कर आगे बढ़ा जाना चाहिए। इस पर आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंदर यादव ने कहा कि सांसद किरण खेर ने यह काफी अच्छी बात कही है लेकिन उनको यह बात पिछली बार भी कहनी चाहिए थी। मतदान शुरू होने से पहले सौरभ जोशी कुछ बोलने लगे तो डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि वह अपना एक बार माइक चेक कर लें कि उनकी अच्छे से आवाज आ रही है या नहीं, क्योंकि पिछली बार उनकी आवाज काफी क्लियर आ रही थी और उस आवाज को सुप्रीम कोर्ट ने भी सुना था। वहीं, हाल ही में आप से भाजपा में गए तीनों पार्षद नेहा, पूनम और गुरचरणजीत सिंह काला ने भी वोट डाला। वो भाजपा पार्षदों के बीच में बैठे नजर आए।
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