'नरेंद्र मोदी के खेल का जनता देगी जवाब'
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र और हरियाणा जनहित कांग्रेस के सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद अपने दम पर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे हैं।
चुनाव जीतने के लिए बिश्नोई भाजपा से गठबंधन टूटने के अगले दिन ही हरियाणा जन चेतना पार्टी के अध्यक्ष विनोद शर्मा से हाथ मिला चुके हैं, लेकिन प्रदेश में लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ लड़ने के बाद टूटे इस समझौते का क्या असर होगा। क्या है उनकी रणनीति और मुद्दे पर कुलदीप बिश्नोई ने प्रवीण पाण्डेय से विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।
गठबंधन टूटने के कई कारण रहे
- गठबंधन टूटने के प्रमुख कारण क्या रहे?
-भाजपा का स्वार्थ और घमंड गठबंधन टूटने का बड़ा कारण है। भाजपा ने लिखित में हुए समझौते का पालन नहीं किया। मैने इनके नेतृत्व को सुधारने की कोशिश की लेकिन वे लोग सुधरने के लायक नहीं हैं।
- भाजपा के साथ तालमेल लंबा क्यों नहीं चल सका?
-भाजपा की रणनीति है पहले क्षेत्रीय दलों के साथ हाथ मिलाकर खुद को मजबूत करो, फिर उनसे नाता तोड़ दो। लेकिन अब यह खेल नहीं चलेगा प्रदेश की जनता सब समझ गई है। चुनाव में जनता इस बात का जवाब हजकां के पक्ष में मतदान कर करेगी।
हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है
- आगामी विधानसभा चुनाव में क्या संभावनाएं हैं?
- हम स्वीप करेंगे। जनता भी यह समझे कि हम ईमानदारी की राजनीति करते हैं। दूसरे दलों की तरह लूट खसोट नहीं। मैने हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है। इसी बात को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। मुझे जनता पर भरोसा है कि वह मेरी बात समझेगी।
- बसपा और हरियाणा लोकहित पार्टी से तालमेल की चर्चा गर्म है?
-अभी हमने सिर्फ गठबंधन तोड़कर भाजपा के धोखे का जवाब दिया है। आगे की रणनीति हरियाणा जनचेतना पार्टी के साथ बैठ कर तय करेंगे।