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केयू ने चला दांव, काबू में हड़ताली

Sat, 13 Sep 2014 12:19 AM IST
हेमंत ज्योतिसर/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
हेमंत ज्योतिसर/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 13 Sep 2014 12:19 AM IST
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ हड़ताल से दूर रहेगा। ‘नो वर्क नो पे’ का नोटिफिकेशन जारी कर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने फिलहाल हड़ताल पर बैन लगा दिया है।
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जिसका साकारात्मक परिणाम कुंटिया द्वारा हड़ताल समाप्त करने की घोषणा के साथ ही मिल गया। उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने पहले ही बता दिया था कि काम न करने वाले कर्मी को वेतन भी नहीं मिलेगा और इसके लिए प्रशासन ने सभी विभागों से हाजिरी रिकॉर्ड मंगवा लिया गया था।
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शुक्रवार को विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा हस्ताक्षरयुक्त जारी नोटिफिकेशन में साफ लिखा है कि कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर रहकर हड़ताल में भाग लेगा, उसे उस दिन का भुगतान नहीं होगा। यह नोटिफिकेशन सभी विभागाध्यक्षों, निदेशकों, प्रिंसिपल, ब्रांच अधिकारियों को, टीचिंग विभाग, संस्थानों, कॉलेज में भेज दिया है।
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जाहिर है कि अधिसूचना जारी होते ही अब गैर शिक्षक और शिक्षक स्टाफ स्वयं को दूर रखना होगा। पता चला है कि कुछ शिक्षकों ने इस नोटिफिकेशन के पक्ष में अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।

अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक-दो दिन में केयू टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ इस पर सहमति जता देगा। इस तरह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी द्वारा हड़तालियों पर काबू पाने के लिए चलाया गया यह तीर बाखूबी निशाने पर लगा है।

जिसका फायदा न सिर्फ प्रशासन को होगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर भी पडे़गा, क्योंकि कामकाज ठप रहने पर अक्सर छात्र-छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता था।

काबिलेगौर है कि यूनिवर्सिटी कार्यकारिणी परिषद ने यह घोषणा की है और 22 मई 2013 को जारी हुए नोटिफिकेशन में 56वां संशोधन करते हुए इसे लागू किया गया है।

हड़ताल के कारण केयू को बचे लाखों
यह अधिसूचना जारी होने से पहले ही केयू प्रशासन ने नो वर्क नो पे की घोषणा कर दी थी। जिसके चलते पांच दिनों तक हड़ताल चलने पर अब तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को करीब एक करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।

बता दें कि केयू 1400 कर्मियों को प्रति माह करीब छह करोड़ रुपये का भुगतान करता है और इस तरह प्रतिदिन का वेतन 20 लाख रुपये बनता हैं। पांच दिन तक हड़ताल का हिसाब लगाया जाए, तो केयू के सीधे एक करोड़ बचे हैं।

नोटिफिकेशन जारी होते ही हड़ताल खत्म
केयू प्रशासन ने जैसे काम नहीं, वेतन नहीं का नोटिफिकेशन जारी किया। पता चलते ही कुंटिया ने भी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।

बताया गया है कि कुंटिया को कुछ कर्मियों का साथ नहीं मिल रहा था और वे वेतन कटने पर ड्यूटी देने की जिद करने लगे थे। इसके चलते कुंटिया ने हड़ताल वापस ले ली।

अवकाश के दिन कर्मी निपटाएं वर्क लोड
परीक्षा शाखा भवन प्रांगण में कुंटिया की आम सभा हुई। इसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल के समापन की घोषणा की गई।

कुंटिया प्रधान मान सिंह व महासचिव सुनील कक्कड़ ने सभी कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा की कर्मी रुके कार्य शनिवार व रविवार को पूरा करें। यह प्रस्ताव भी आम सभा में पास करा दिया गया।

आश्वासन पर वापस ले ली है हड़ताल
अध्यक्ष मान सिंह व महासचिव सुनील कक्कड़ ने बताया कि 10 सितंबर को कुलसचिव व कुंटिया कार्यकारिणी के मध्य कर्मचारियों की मांगों पर गहन चर्चा की।

इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुंटिया की लगभग सभी मांगों पर सहमति प्रकट की। जिनमें से कुछ मांगों पर कुलसचिव द्वारा विश्वास दिलाया गया कि वीसी के वापस आने पर अंतिम आदेश जारी कर दिए जाएंगे।


उन्होंने कहा कि शेष कुछ मांगों पर कुलसचिव के द्वारा सकारात्मक आदेश जारी हो चुके है। मान सिंह ने कहा कि संजीव सपड़ा के खिलाफ फ ार्मेसी विभाग के निदेशक की ओर से की गई शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और संजीव सपड़ा ने कुछ प्राध्यापकों के खिलाफ सीडी, अन्य मुख्य दस्तावेज सहित जो शिकायत प्रशासन को दी है उस पर भी कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
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