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कोविड ने पड़की रफ्तार फिर भी लापरवाही जारी है
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चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। जहां एक ओर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की परेशानियां बढ़ी हैं वहीं, दूसरी ओर जनता बेफिक्र अंदाज में संक्रमण के मानकों की अनदेखी कर रही है। बाजार तो छोड़िए अस्पतालों में भी संक्रमण से बचाव के मानकों की अनदेखी व्यापक स्तर पर जारी है। जीएमएसएच-16 की ओपीडी में बुधवार को पंजीकरण काउंटर से लेकर लैब तक में मरीजों की भीड़ नजर रही। इस दौरान कुछ लोगों ने तो मास्क पहना था, लेकिन ज्यादातर बिना मास्क के नजर आ रहे थे। वहीं पहले दिखाने के चक्कर में एक दूसरे को धक्का देकर आगे निकलने की होड़ भी नजर आ रही थी। लोग कोरोना की चरम स्थिति को भूलकर संक्रमण को बढ़ावा देने का काम करने में जुटे हुए हैं। चिंता की बात यह है कि शहर में मंगलवार को कोरोना का संक्रमण दर चार प्रतिशत के पार जा चुका है जबकि सरकार ने 5 प्रतिशत संक्रमण दर वाले शहरों को रेड जोन में रखने का आदेश दे दिया है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अब संक्रमण दर बढ़ा तो उस पर काबू पाना मुश्किल होगा।
निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था प्रत्येक स्तर पर की जा चुकी है। ऑक्सीजन से लेकर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर तो तैयार है, लेकिन लोग लापरवाही कर रहे हैं। संक्रमण पर काबू के लिए जनता को सहयोग बेहद जरूरी है।
बॉक्स
टीकाकरण की धीमी रफ्तार कर रही परेशान
संक्रमण दर के बढ़ने के साथ ही टीकाकरण की धीमी रफ्तार स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। तमाम प्रयास व हर घर दस्तक जैसे अभियान के बावजूद लोग टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों के टीकाकरण में आ रही है। स्थिति यह है कि एक महीने से 12-14 साल के बच्चों के टीकाकरण का प्रतिशत 71 से 72 प्रतिशत पर है। एक-एक बच्चे को टीका लगाने के लिए विभाग के कर्मचारियों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। वहीं प्रिकॉशन डोज के 8,43,000 के लक्ष्य में से अब तक महज 50,332 लाभार्थियों ने ही टीका लगवाया है।
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इनसेट
संक्रमण की स्थिति ये है
संक्रमण दर : 2.89 प्रतिशत
सक्रिय मरीज : 238
सात दिन में संक्रमित मरीजों की औसतन संख्या : 34
कम्युलेटिव संक्रमण दर : 7.72 प्रतिशत
ऑक्सीजन बेड पर भर्ती मरीजों की संख्या : 24
आईसीयू में भर्ती मरीज : 0
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निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था प्रत्येक स्तर पर की जा चुकी है। ऑक्सीजन से लेकर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर तो तैयार है, लेकिन लोग लापरवाही कर रहे हैं। संक्रमण पर काबू के लिए जनता को सहयोग बेहद जरूरी है।
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टीकाकरण की धीमी रफ्तार कर रही परेशान
संक्रमण दर के बढ़ने के साथ ही टीकाकरण की धीमी रफ्तार स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। तमाम प्रयास व हर घर दस्तक जैसे अभियान के बावजूद लोग टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों के टीकाकरण में आ रही है। स्थिति यह है कि एक महीने से 12-14 साल के बच्चों के टीकाकरण का प्रतिशत 71 से 72 प्रतिशत पर है। एक-एक बच्चे को टीका लगाने के लिए विभाग के कर्मचारियों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। वहीं प्रिकॉशन डोज के 8,43,000 के लक्ष्य में से अब तक महज 50,332 लाभार्थियों ने ही टीका लगवाया है।
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संक्रमण की स्थिति ये है
संक्रमण दर : 2.89 प्रतिशत
सक्रिय मरीज : 238
सात दिन में संक्रमित मरीजों की औसतन संख्या : 34
कम्युलेटिव संक्रमण दर : 7.72 प्रतिशत
ऑक्सीजन बेड पर भर्ती मरीजों की संख्या : 24
आईसीयू में भर्ती मरीज : 0