{"_id":"609c37938ebc3ef6413b17bc","slug":"kothi-possession-case-sit-raided-maharashtra-to-up-no-arrests-made-chandigarh-news-pkl413162632","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी ने अमरावती से लेकर बरेली तक मारा छापा, नहीं हुई गिरफ्तारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईटी ने अमरावती से लेकर बरेली तक मारा छापा, नहीं हुई गिरफ्तारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में एसआईटी 71 दिन बाद भी आरोपी अरविंद सिंगला समेत चार आरोपियों को पकड़ नहीं सकी है। सभी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है। आरोपी गुरप्रीत सिंह (नकली राहुल मेहता) की महाराष्ट्र के अमरावती, खलिंदर सिंह कादियान की उत्तर प्रदेश के बरेली, सौरभ गुप्ता की बठिंडा और अरविंद सिंगला की आखिरी लोकेशन एलांते मॉल के पास मिली थी। एसआईटी ने इन सभी जगहों पर छापा मारा लेकिन किसी का सुराग नहीं लगा।
एसआईटी की जांच में केस दर्ज होने के बाद इन आरोपियों का कई बार मोबाइल बंद और बीच बीच में ऑन होते रहे हैं। टीम जहां भी छापामारी करने जाती है, आरोपी चकमा देकर फरार हो जाते हैं। जांच में पता लगा कि खलिंदर सिंह कादियान बरेली का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि वह उत्तर प्रदेश के किसी जिले में छुपा हो सकता है। वहीं, सौरभ गुप्ता की बठिंडा और गुरप्रीत सिंह की महाराष्ट्र के अमरावती में ससुराल है। इन दोनों की लोकेशन भी इसके आसपास आई थी जबकि अरविंद सिंगला की चंडीगढ़ के एलांते मॉल के पास मिली थी। इसके अलावा एसआईटी ने अरविंद सिंगला के चंडीगढ़ स्थित दफ्तर और उसके लुधियाना स्थित ससुराल में भी दबिश दी थी, लेकिन किसी का कोई सुराग नहीं मिला। वहीं मामले में अन्य तीन आरोपी अशोक अरोड़ा, शेखर व दलजीत सिंह की भी एसआईटी को तलाश है। गौरतलब है कि दिसंबर 2020 को सेक्टर-37 के कोठी नंबर 340 के किराएदार प्रदीप रतन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह जिस कोठी में किराएदार है, उसे कुछ लोग कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत में पत्रकार संजीव महाजन समेत कई आरोपियों के नाम थे। इसके बाद एसआईटी ने संजीव महाजन, सेक्टर 39 थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था जबकि केस में फरार चल रहे सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह उर्फ कादियान, शराब कारोबारी अरविंद सिंगला और गुरप्रीत सिंह उर्फ मनी पर 50-50 हजार का इनाम तक घोषित कर दिया।
विज्ञापन
एसआईटी की जांच में केस दर्ज होने के बाद इन आरोपियों का कई बार मोबाइल बंद और बीच बीच में ऑन होते रहे हैं। टीम जहां भी छापामारी करने जाती है, आरोपी चकमा देकर फरार हो जाते हैं। जांच में पता लगा कि खलिंदर सिंह कादियान बरेली का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि वह उत्तर प्रदेश के किसी जिले में छुपा हो सकता है। वहीं, सौरभ गुप्ता की बठिंडा और गुरप्रीत सिंह की महाराष्ट्र के अमरावती में ससुराल है। इन दोनों की लोकेशन भी इसके आसपास आई थी जबकि अरविंद सिंगला की चंडीगढ़ के एलांते मॉल के पास मिली थी। इसके अलावा एसआईटी ने अरविंद सिंगला के चंडीगढ़ स्थित दफ्तर और उसके लुधियाना स्थित ससुराल में भी दबिश दी थी, लेकिन किसी का कोई सुराग नहीं मिला। वहीं मामले में अन्य तीन आरोपी अशोक अरोड़ा, शेखर व दलजीत सिंह की भी एसआईटी को तलाश है। गौरतलब है कि दिसंबर 2020 को सेक्टर-37 के कोठी नंबर 340 के किराएदार प्रदीप रतन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह जिस कोठी में किराएदार है, उसे कुछ लोग कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत में पत्रकार संजीव महाजन समेत कई आरोपियों के नाम थे। इसके बाद एसआईटी ने संजीव महाजन, सेक्टर 39 थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था जबकि केस में फरार चल रहे सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह उर्फ कादियान, शराब कारोबारी अरविंद सिंगला और गुरप्रीत सिंह उर्फ मनी पर 50-50 हजार का इनाम तक घोषित कर दिया।
विज्ञापन