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पंजाब से उद्योगों का पलायन: कैसे उद्योगपतियों को लुभा रही योगी सरकार, उद्योग जगत में क्यों मची हलचल?

Mon, 26 Dec 2022 12:24 PM IST
ajay kumar विजय मौर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विजय मौर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 26 Dec 2022 12:24 PM IST
सार

नीलम साइकिल इंडस्ट्री के एमडी केके सेठ ने कहा कि पंजाब में न तो कोई इंडस्ट्री पॉलिसी है न ही कोई राहत है। टैक्स प्रणाली और पोर्ट व्यवस्था कमजोर है। ऐसे में इंडस्ट्री को अगर कोई राज्य राहत देकर बुलाता है तो क्या बुराई है।

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Know why industries of Punjab are going to Uttar Pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter

विस्तार

लुधियाना के उद्योगपतियों के उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने के समझौते से जहां प्रदेश की राजनीति में गरमाहट है, वहीं उद्योग जगत में भी हलचल है। उद्योगपतियों के यूपी जाने के फैसले को पंजाब के लिए झटका माना जा रहा है। पंजाब में यूपी की अपेक्षा अधिक जीएसटी, महंगी जमीन, महंगी बिजली, कानून व्यवस्था को प्रमुख कारण माना जा रहा है। 

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असल में यूपी सरकार उद्योगों को लुभावनी रियायतें दे रही है। यही वजह है कि उद्यमियों को यूपी भाने लगा है। सबसे बड़ी रियायत टैक्स की है। पंजाब में उद्यमियों को कुल 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। इनमें केंद्र का नौ और स्टेट का नौ प्रतिशत जीएसटी है। वहीं यूपी में उद्योग लगाने पर केवल केंद्र का नौ प्रतिशत जीएसटी ही देना होगा। 
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पंजाब में जमीन भी महंगा है। यहां प्रति एकड़ जमीन की कीमत करीब 40 लाख से एक करोड़ रुपये पड़ती है जबकि यूपी में 20 लाख रुपये से भी कम कीमत पड़ रही है। यूपी में जमीन की रजिस्ट्री कराने पर सरकार ने स्टांप ड्यूटी मुफ्त कर दी है। पंजाब में स्टांप ड्यूटी काफी महंगी पड़ती है। पंजाब में पिछले कुछ वर्षों से बड़ी इंडस्ट्री की मशीनरी पर सब्सिडी बंद कर दी गई है। 

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यूपी में सरकार मशीनरी की खरीद पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी। इसके अलावा यूपी में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है, जहां एक बार में सभी तरह की एनओसी मिल जाती है और उद्योगपतियों को भटकना नहीं पड़ता है। फाइल लटकती नहीं है। पंजाब में सिंगल विंडो सिस्टम नहीं है। उद्यमियों को फाइल पास करानी पड़ती है। 

पंजाब में उद्योगों को साढ़े आठ रुपये प्रति यूनिट बिजली मिल रही है। इसके विपरीत यूपी में करीब पौने सात रुपये प्रति यूनिट बिजली है। यूपी सरकार ने आने वाले समय में बिजली और सस्ती देने का वादा किया है। इसके अलावा बिजली सप्लाई 24 घंटे दी जा रही है। पंजाब में बिजली कट की समस्या बनी रहती है। वहां श्रम की कमी नहीं है। मौजूदा समय में यूपी में बेहतर कानून व्यवस्था और पंजाब में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को भी उद्योगों के पलायन की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

उद्योगपतियों को कुछ समस्या तो होगी: कोमल जैन 
ड्यूक फैशन इंडिया इंडस्ट्री के सीएमडी कोमल जैन ने कहा कि होजरी उद्योग तो कहीं नहीं जा रहा। साइकिल इंडस्ट्री जा रही है। अगर उद्योगपति वहां उद्योग लगाने जा रहे हैं तो जरूर उनकी कुछ तकलीफें होंगी। पंजाब में जमीन महंगी हैं। इसके अलावा कुछ और मुद्दों पर सुधार की जरूरत है। रही बात पंजाब की इंडस्ट्री के वहां जाने की तो यह सही है कि पंजाब में उद्योग विस्तार हो तो अच्छा है। ऐसे में सरकार को उद्योगपतियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि इंडस्ट्री जाने से रोका जा सके।

पंजाब में न इंडस्ट्री पॉलिसी है, न ही राहत: केके सेठ  
नीलम साइकिल इंडस्ट्री के एमडी केके सेठ ने कहा कि पंजाब में न तो कोई इंडस्ट्री पॉलिसी है न ही कोई राहत है। टैक्स प्रणाली और पोर्ट व्यवस्था कमजोर है। ऐसे में इंडस्ट्री को अगर कोई राज्य राहत देकर बुलाता है तो क्या बुराई है। वहीं पंजाब सरकार भी अगर उद्योगपतियों से बातचीत कर राहत देती है तो तो जरूर उद्योगपति सोचेंगे। सरकार जो राहत का एलान करे तो वह हर हाल में पूरा भी होना चाहिए।

यूपी सरकार दे रही कई तरह की राहत: विश्वकर्मा 
यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने कहा कि लुधियाना की इंडस्ट्री ने पंजाब के विकास में अहम योगदान दिया है। जिस तरह से यूपी में उद्योग जा रहे हैं, यह पंजाब के लिए बड़ा झटका है। सरकार को जल्द उद्योगपतियों से बातचीत करनी चाहिए ताकि उद्योग दूसरे प्रदेशों में जाने के बजाय पंजाब में रहें। दूसरी बात यहां महंगी जमीन, टैक्स, बिजली की समस्या के साथ प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था है। आए दिन लूट-हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इससे व्यापारी डर गए हैं। अगर बड़ी इंडस्ट्री यूपी जाएगी तो एमएसएमई यूनिट भी वहां जाएंगी। इसलिए सरकार को तत्काल फैसले लेने होंगे।  

सरकार नहीं दे रही यहां के उद्योगों पर ध्यान: मिश्रा
सीआईसीयू के चेयरमैन व उद्योगपति टीआर मिश्रा ने कहा कि पंजाब से ज्यादा सहूलियत यूपी सरकार दे रही है। इसीलिए लुधियाना से उद्योगपति वहां उद्योग लगाने जा रहे हैं। पंजाब में सरकार के पास इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए विजन की कमी है। इंडस्ट्री को सुविधाएं और माहौल चाहिए। पंजाब सरकार को यह सब देखकर आगे बढ़ना होगा। अन्यथा उद्योग अपने विस्तार के लिए दूसरे राज्यों में जाएंगे।  

यूपी में इंडस्ट्री लगाने की बड़ी वजह 

  • जमीन सस्ती
  • 24 घंटे व सस्ती दर पर बिजली 
  • भ्रष्टाचार न के बराबर
  • स्टेट जीएसटी टैक्स में आठ साल की छूट व अन्य कई तरह की राहत
  • एक छत के तले इंडस्ट्री को मिल रहे प्रदूषण के एनओसी व लाइसेंस
  • मजबूत कानून-व्यवस्था 
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