पंजाब विस चुनाव: इस वजह से राणा गुरमीत सोढी ने थामा भाजपा का दामन, 2002 से अब तक लगातार हैं विधायक
पूर्व खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी के भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के और चेहते विधायक व मंत्री भाजपा में शामिल होने के लिए लाइन में लगे हैं। कई ऐसे विधायक हैं जिन्हें कांग्रेस से टिकट मिलती नहीं दिख रही हैं, उन्होंने कैप्टन की तरफ रुख कर लिया है। फिरोजपुर की एक महिला नेता भी कैप्टन खेमे में जा सकती है।
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पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की दोस्ती की वजह से कांग्रेस को अलविदा कह कर मंगलवार को पूर्व खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी भाजपा में शामिल हो गए हैं। सोढ़ी वर्ष 2002 से लगातार गुरुहरसहाए विधानसभा हलके से कांग्रेस की टिकट पर चार बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। सोढी के फिरोजपुर शहरी हलके से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि इस सीट पर भाजपा कई बार विजयी रही है। सोढ़ी के भाजपा में जाने के बाद अब जलालाबाद के कांग्रेस विधायक रमिंदर सिंह आंवला के लिए गुरुहरसहाए से विधानसभा चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ हो गया है।
सियासी जानकारों के मुताबिक सोढी ने 40 साल तक कांग्रेस की सेवा की है। ये सभी जानते हैं कि वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा-कैप्टन (पंजाब लोक कांग्रेस) ने मिलकर सरकार बनाने की रणनीति तैयार की है। इनका एक ही मकसद है, कांग्रेस और आप को पराजित करना है। अभी तो सिर्फ सोढी कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। आने वाले दिनों में कैप्टन के नजदीकी सभी कांग्रेस नेता भाजपा व कैप्टन की पार्टी में शामिल होंगे।
सोढी का भाजपा में शामिल होना पहले से ही तय था। सिर्फ चुनाव आचार संहिता का इंतजार किया जा रहा था। सोढी के भाजपा में शामिल होने से गुरुहरसहाए में शिअद (ब) के प्रत्याशी वरदेव सिंह मान की स्थिति मजबूत हुई है, क्योंकि पिछला विधानसभा चुनाव बहुत थोड़े मतों से मान हारे थे। सोढी गुरुहरसहाए विधानसभा हलके से पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 1985 में लड़े थे, उस समय आजाद प्रत्याशी सजवार सिंह ने सोढी को पराजित किया था। वर्ष 2002 व 2007 में सोढ़ी ने अकाली दल के प्रत्याशी परमजीत सिंह संधू को पराजित किया था। उसके बाद 2012 व 2017 के विधानसभा चुनाव में अकाली उम्मीदवार वरदेव सिंह मान को हराया था।