पंजाब चुनाव जरूरी है लेकिन हरियाणा के नेताओं की मजबूरी है, जानिए कैसे
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पंजाब चुनाव हरियाणा के राजनीतिक दलों के लिए गले की फांस बन गया है। एसवाईएल का मुद्दा आड़े आने के कारण हरियाणा के नेता इस समय धर्मसंकट में हैं।
हालात यह है कि कांग्रेस ने हरियाणा के स्टार प्रचारकों की ड्यूटी पंजाब के बजाय उत्तर प्रदेश में लगा दी है। हरियाणा की राजनीति के दिग्गज भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कैथल से कांग्र्रेस विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला पंजाब चुनाव में नजर नहीं आएंगे। पार्टी ने इन नेताओं की ड्यूटी उत्तर प्रदेश चुनाव में लगा दी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर की गोवा चुनाव में ड्यूटी लगी है।
भाजपा : हरियाणा में सत्ता सुख भोग रही भाजपा का बड़ा नेता पंजाब चुनाव में नहीं गया है। अकालियों से गठबंधन होने के बावजूद भाजपा के बड़े नेता पंजाब की तरफ पैर नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी अभी तक पंजाब में प्रचार के लिए जाना नहीं हुआ है, लेकिन खट्टर ने कहा है कि यदि हाईकमान उनकी ड्यूटी लगाता है तो वह पंजाब चुनाव में प्रचार करने जरूर जाएंगे।
'आप' की हरियाणा इकाई पंजाब में करेगी प्रचार
इसी तरह से हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला भी कह चुके हैं कि दोनों राज्यों के मुद्दे अलग हैं और चुनाव प्रचार करना अलग है। खास बात यह है कि हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु पंजाब चुनाव में भाजपा के सह प्रभारी हैं, लेकिन वह पंजाब में एसवाईएल मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। ये बात अलग है कि पंजाब के साथ लगते जिलों से कुछ हरियाणा के भाजपा नेता पंजाब में प्रचार कर रहे हैं।
कांग्रेस: हरियाणा के पूर्व सीएम हुड्डा का कहना है कि एसवाईएल मुद्दे पर पंजाब की बादल सरकार का रवैया गलत है और हरियाणा को उसके हक का पानी मिलना चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह यदि यह आश्वासन देते हैं कि पंजाब में यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो वे हरियाणा के हक का पानी हरियाणा को देंगे। यदि अमरिंदर यह आश्वासन नहीं देते तो वे पंजाब में कांग्रेस के प्रचार के लिए नहीं जाएंगे, चाहें इसके लिए आलाकमान ही आदेश क्यों न दे।
इनेलो : हरियाणा का मुख्य विपक्षी दल इनेलो एसवाईएल मुद्दे पर पूरी तरह से मुखर है। इनेलो ने एसवाईएल की खुदाई करने तक का एलान किया है। इस मुद्दे पर इनेलो ने बीते विधानसभा सत्र में शिअद से गठबंधन तोड़ दिया था। हालांकि चौटाला और बादल परिवार के बीच पारिवारिक रिश्ते हैं, लेकिन एसवाईएल अब दरार है।
आम आदमी पार्टी : आप के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद का कहना है कि पंजाब में जाना इसलिए जरूरी है क्योंकि पंजाब को बादलों से मुक्त करवाना है। हरियाणा के दो हजार कार्यकर्ता पंजाब चुनाव प्रचार में कूद चुके हैं।