सावधान, सूरज की किरणें कहीं जला न दें आपको
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सुबह आठ बजे के बाद चिलचिलाती धूप और दिन चढ़ते ही लू के थपेड़े...। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी आपकी त्वचा को बीमार कर सकती है।
स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार, बढ़ते तापमान के बीच चिलचिलाती धूप में फोटो डर्मेटाइटिश, फोटो कान्टेक्ट डर्मेटाइटिश, पॉली मार्फस लाइट इरप्शन का खतरा रहता है और ये तमाम बीमारियां सन बर्न की वजह से होती है।
शहर के सरकारी अस्पतालों में इन दिनों रोजाना 30-35 केस सन बर्न के आ रहे हैं।
हेयर कलर लगाकर न निकलें धूप में
दोपहर 12 से तीन बजे के बीच चिलचिलाती धूप होती है। इस समय तापमान ज्यादा होने के कारण यूबीबी किरणें अधिक होती हैं, जो स्किन के लिए हानिकारक हैं। तेज धूप में हेयर कलर लगाकर निकलने से कन्टेक्ट डर्मेटाइटिश का भी खतरा होता है।
ये बीमारियां होती है सन बर्न से
फोटो डर्मेटाइटिश
- पूरा चेहरा लाल होना
- चेहरे पर जलन
फोटो कन्टेक्ट डर्मेटाइटिश
- चेहरे पर काले धब्बे
- खुजली होना
- पानी वाले छाले
पॉली मार्फस लाइट इरप्शन
- सफेद छोटे-छोटे दाने के साथ खुजली
- चेहरा, हाथ, गर्दन के पीछे सफेद या लाल रंग का धब्बा
- धब्बे के साथ खुजली या जलन
ये सावधानी बरतें सन बर्न से बचने को
- सन स्किन लोशन दिन में दो बार लगाएं
- कॉटन के कपड़े पहनें
- पूरी बाजू और ढीले कपड़े पहनें
- लाइट कलर के कपड़े पहनें
- धूप में निकलने से पहले भरपूर पानी पीएं
- रोजाना कम से कम 10 गिलास पानी पीएं
ये कहना है स्किन स्पेशलिस्ट्स का
- डा. राजीव कौड़ा, स्किन स्पेशलिस्ट, सेक्टर-16 डिस्पेंसरी
एक मई के बाद से ही सन बर्न के केस आने लगे हैं। अब रोजाना 30-35 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इस समय पॉली मार्फस लाइट इरप्शन, फोटो डर्मेटाइटिश के ज्यादातर मामले आ रहे हैं। इनसे बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।
- डा. विकाश शर्मा, स्किन स्पेशलिस्ट, नेशनल स्किन हॉस्पिटल, एमडीसी, सेक्टर-5