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Who is Simranjit Singh Mann: संगरूर उपचुनाव में एक पूर्व पुलिस अफसर ने आप को कैसे दी पटखनी, जानें क्या हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाता

Sun, 26 Jun 2022 02:08 PM IST
Nivedita verma निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 26 Jun 2022 02:08 PM IST
सार

सिमरनजीत सिंह मान का जन्म 1945 में शिमला में हुआ था। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान 1967 में पंजाब विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं।

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Know all about Simranjit singh mann who win in Sangrur by election
सिमरनजीत सिंह मान। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर रविवार को हुए उपचुनाव में 77 साल के एक पूर्व पुलिस अफसर सिमरनजीत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी के युवा उम्मीदवार गुरमेल सिंह को शिकस्त दे दी। मान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान हैं और वे गर्मख्याली माने जाते हैं। 

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पंजाब विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं मान के पिता

मान का जन्म 1945 में अविभाजित पंजाब के शिमला में हुआ था। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान 1967 में पंजाब विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। उनकी पत्नी गीतिंदर कौर मान हैं। उनकी पत्नी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर बहनें हैं। मान पूर्व पुलिस अफसर रह चुके हैं।

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ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में छोड़ दी थी नौकरी

1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। वे पांच साल जेल में भी रहे। 1989 में सबसे पहले तरनतारन से लोकसभा चुनाव जीता था। उस समय उनकी जीत देश में सबसे बड़ी जीत थी। उस समय तरनतारन को खालिस्तानियों का गढ़ माना जाता था। 

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2014 में जब्त हो गई थी जमानत

1994 में श्री अकाल तख्त के तत्कालीन जत्थेदार मंजीत सिंह के कहने पर सिमरनजीत सिंह मान ने अकाली दल अमृतसर का गठन किया था। तब से वे पार्टी के प्रधान हैं। 1999 में उन्होंने संगरूर से लोकसभा चुनाव जीता था। 2014 में वे खडूर साहिब लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन उनकी जमानत जब्त हो गई थी। 

उपचुनाव के लिए पर्चा भरते समय मान ने कहा था कि वे अपनी पार्टी की विचारधारा के तहत लोगों की आवाज संसद में उठाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते कि वह चुनाव लड़ें। उपचुनाव में बादल दल से सहमति के बारे में उन्होंने कहा था कि शिअद के अध्यक्ष और एसजीपीसी अध्यक्ष व अन्य पदों से इस्तीफा देकर पंथक मुद्दों व बंदी सिंहों की रिहाई के लिए गंभीरता से विचार करें तो वह इस बारे में सोच सकते हैं।

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