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Simranjit Mann: अमृतपाल को पाकिस्तान भागने की सलाह देने वाले सांसद हैं विवादित, जानें कैप्टन अमरिंदर से रिश्ता
Fri, 31 Mar 2023 04:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 31 Mar 2023 04:54 PM IST
सार
Who is Simranjit Singh Mann: सिमरनजीत सिंह मान ने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं।
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संगरूर सांसद सिमरनजीत सिंह मान।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब पुलिस को 14 दिन से छका रहे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को संगरूर के सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने पाकिस्तान भाग जाने की विवादित सलाह दी है। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान ने संगरूर उपचुनाव में जीत हासिल की थी। 77 साल के सिमरनजीत सिंह मान पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं।
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सिमरनजीत सिंह मान का जन्म साल 1945 में शिमला में हुआ था। चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1967 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। इस दौरान वे पुलिस अधीक्षक (सतर्कता), एसपी (मुख्यालय), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजपुर, एसएसपी फरीदकोट और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के ग्रुप कमांडेट सहित विभिन्न पदों पर रहे।
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वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढ़ू हैं। उन्होंने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान विधानसभा स्पीकर रह चुके थे।
कृपाण के बिना नहीं गए थे संसद
तरनतारन से 88 प्रतिशत वोट पाने के बाद भी सिमरनजीत सिंह मान कभी संसद नहीं गए। इसके पीछे का रोचक तथ्य यह है कि संसद में कृपाण ले जाने की मनाही थी, बिना कृपाण के उन्होंने संसद जाना छोड़ दिया। वह हमेशा अपने पास कृपाण को साथ रखते हैं। दो दशक बाद संसद लौटे 77 वर्षीय मान ने 23 साल बाद संगरूर सीट पर जीत हासिल की है। वे साल 1989 में तरनतारन और 1999 में संगरूर से लोकसभा के लिए चुने गए थे।