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रोजर फेडरर को हराने वाले सुमित नागल की पूरी कहानी, महेश भूपति ने एक नजर में पहचानी थी प्रतिभा

Tue, 27 Aug 2019 08:09 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झज्जर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 27 Aug 2019 08:09 PM IST
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Know About Sumit Nagal Who Stuns Roger Federer In First Set
सुमित नागल और महेश भूपति

टेनिस ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन प्रतिष्ठित इवेंट से अपना ग्रैंडस्लैम डेब्यू करने वाले जैतपुर गांव निवासी सुमित नागल ने अपने पहले ही मैच में दुनिया के महानतम खिलाड़ी रोजर फेडरर को पहले सेट में हराकर सभी को चौंका दिया। 

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 गांव में जन्मे सुमित पहले क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन परिवार दिल्ली के नांगलोई में शिफ्ट हो गया। इसी दौरान उनके पिता सुरेश उन्हें एक रोज टेनिस कोर्ट ले गए तो वहां से रैकेट हाथ में लेकर ही लौटे। 
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-सेना में हवलदार रह चुके हैं पिता सुरेश
16 अगस्त, 1997 को झज्जर के जैतपुर में जन्मे सुमित नागल दिल्ली के नांगलोई इलाके में रहते हैं। उनके पिता सुरेश सेना में हवलदार रह चुके हैं। मां कृष्णा गृहिणी हैं। सेना की नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद एक स्कूल में अध्यापक की नौकरी कर रहे इसी साल वे ऑस्ट्रेलियन ओपन के जूनियर में तीसरे दौर में पहुंचे थे। 22 साल के सुमित जूनियर ग्रैंड स्लैम जीतने वाले छठे भारतीय खिलाड़ी हैं। 

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शीर्ष 300 खिलाड़ियों में शामिल होना चाहते हैं सुमित

विंबलडन जूनियर डबल्स खिताब जीत के बाद सुमित नागल की रैंकिंग में उछाल आया है और वे 19 पायदान चढ़कर 745 वें नंबर पर पहुंच गए हैं। अगले साल फरवरी तक वे शीर्ष 300 खिलाड़ियों में शामिल होना चाहते हैं। परिवार के अनुसार सितंबर में वो भारत लौट रहे हैं, उनका अगला लक्ष्य एटीपी 500 सीरीज के तहत जर्मनी के हैंबर्ग में होने वाला टूर्नामेंट होगा।

महेश सर के बिना संभव नहीं था सपनाः सुरेश नागल
सात बरस की उम्र में सुमित ने टेनिस खेलना शुरू किया था। उनके खेल को देखकर स्थानीय कोच ने कहा कि सुमित में बेजोड़ प्रतिभा है और उन्हें बड़े स्तर पर प्रशिक्षण मिलना चाहिए। इसी दौर में एक दिन महेश भूपति ने सुमित का खेल देखा और उन्हें अपनी टेनिस अकादमी में ले आए। यहीं से शुरू हुई उनके चैंपियन बनने की असल यात्रा। 

एक साक्षात्कार में सुमित के पिता बताते हैं, 'हम बहुत साधारण परिवार के लोग हैं। टेनिस जैसा खेल खेलाना और उसका खर्च उठाना हमारे बूते से बाहर था। महेश ने उसकी पूरी जिम्मेदारी उठाई। दिग्गज नोवाक जोकोविच को अपना आदर्श मानने वाले सुमित भी यह मानते हैं कि महेश भूपति के बिना उनका इस खिताब तक पहुंचना संभव नहीं था। -सुमित नागल के पिता सुरेश नागल।

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