Punjab: पंजाब में DC दफ्तरों पर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का धरना, जारी रहेगा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
। किसान नेताओं ने कहा कि जब सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर तानाशाहीपूर्ण निर्णय लेने लगती है तो अपने अधिकारों के लिए लड़ना और उनकी रक्षा करना लोगों का कर्तव्य है।
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किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने दिल्ली किसान मोर्चा की दूसरी वर्षगांठ पर पंजाब भर के डीसी कार्यालयों में पक्के मोर्चे लगा कर आंदोलन शुरू कर दिया है। कमेटी ने कहा कि किसानों की मुश्किलों और मांगों का जब तक सरकार स्थायी हल नहीं निकालती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन के राज्य अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू और राज्य महासचिव सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में 10 जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर किया गया है। संगठन ने दावा किया है कि जत्थेबंदी ने गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट और मुक्तसर, मानसा, बरनाला, संगरूर, मालेरकोटला, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, रोपड़, लुधियाना डीसी कार्यालयों के बाहर धरने देकर सरकार को मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपे हैं।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, गुरबचन सिंह चाबा, जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कल्बला और जिला सचिव गुरलाल सिंह मान के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान व महिलाएं ट्रैक्टरों पर सवार होकर डीसी कार्यालय पहुंचे। किसान नेताओं ने कहा कि जब सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर तानाशाहीपूर्ण निर्णय लेने लगती है तो अपने अधिकारों के लिए लड़ना और उनकी रक्षा करना लोगों का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के काले कानूनों की तरह पंजाब सरकार ने पंजाब कॉमन लैंड एक्ट में संशोधन के नाम पर जुमला मुस्तरका जमीनों पर हमला किया है। सरकार के इस संशोधन को लोग स्वीकार नहीं करते हैं। सरकार का पूरा ध्यान जनहित के खिलाफ जाकर कारपोरेट के पक्ष में भुगतान करने पर है।
सरकारों ने सार्वजनिक क्षेत्र के स्कूल, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पानी, बैंक, रेलवे, एलआईसी, एयर इंडिया समेत कई संस्थानों को बिक्री के लिए रख दिया है। जिला कोषाध्यक्ष कंधार सिंह भौएवाल, जिला प्रधान सचिव सिंह कोटला व अमरदीप सिंह गोपी ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून के तहत विधानसभा में बाबा बंदा सिंह बहादुर कानून बनाया गया और जमीन हलवाहकों को दी गई थी।
बसे हुए किसानों और मजदूरों को स्थायी स्वामित्व अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि कंटीली जमीनों का बकाया मुआवजा जारी किया जाए, कंटीले तारों को जीरो लाइन पर किया जाए, खेतों में काम करने का समय बढ़ाया जाए, बीबीएमबी में पंजाब और हरियाणा की भागीदारी बहाल की जाए, बिजली वितरण किया जाए। लाइसेंस सिस्टम 2022 की अधिसूचना रद्द की जाए, एसवाईएल के मुद्दे का रायपेरियन कानून के तहत समाधान किया जाए।