आंदोलन : अब दिल्ली वालों का साथ मांग रहे किसान, रेल यातायात प्रभावित, ये ट्रेने रहेंगी रद्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करने का एलान कर चुके किसान अब दिल्ली वालों से भी समर्थन मांग रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए आंदोलनरत किसान दिल्ली के आमजन से उनके आंदोलन को साथ देने की बात कर रहे हैं ताकि केंद्र पर दबाव बढ़े और सरकार उनकी मांगों को जल्द माने।
दरअसल, सोशल मीडिया पर आंदोलन के प्रचार का जिम्मा किसान संगठनों की विशेष टीमों ने संभाल रखा है। ये टीमें सोशल मीडिया पर जहां एक ओर कृषि कानूनों से होने वाले संभावित नुकसान का खूब प्रचार करने में जुटी हैं, वहीं इसी प्लेटफार्म पर कई किसान वीडियो बनाकर उसे वायरल कर रहे हैं। इन वीडियो में किसानों द्वारा दिल्ली के लोगों से अपील की जा रही है। इनमें कहा जा रहा है कि देशभर के किसान अपनी मांगों को लेकर 15 दिन से दिल्ली की दहलीज पर बैठे हैं।
शांतिप्रिय धरने के लिए उन्हें दिल्ली में उपयुक्त जगह भी नहीं दी गई। न ही सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही है। जबरदस्त ठंड की वजह से सड़कों पर बैठे कुछ आंदोलनरत किसानों तबीयत खराब होने की वजह से मौत भी हो चुकी है। सरकार से छह बार बातचीत हो चुकी है लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता पर अडिग है। उनका आंदोलन लंबा खिंचने के भी आसार बन रहे हैं। लिहाजा, दिल्ली के लोगों से अपील है कि वे भी उनके आंदोलन में उनका साथ दें, ताकि उनका आंदोलन और मजबूत हो सके और केंद्र सरकार पर इसका दबाव बने।
सरकार एमएसपी पर डर खत्म करने में जुटी
दूसरी ओर, केंद्र व राज्य सरकार भी अपने स्तर पर लगातार किसानों में एमएसपी खत्म होने की आशंका से व्याप्त डर को खत्म करने में लगातार प्रयासरत है। हरियाणा सरकार भी विभिन्न माध्यमों से किसानों में इस बात का प्रचार कर रही है। प्रदेश के सीएम मनोहर लाल भी कह चुके हैं कि इन कृषि कानूनों के लागू होने के बाद भी एमएसपी चलती रहेगी। इस पर कोई खतरा नहीं है।
इस वर्ष भी प्रदेश सरकार ने कई फसलों को एमएसपी पर खरीदा है और किसानों को सैकड़ों करोड़ों रुपये का भुगतान किया है। केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल में विभिन्न फसलों की एमएसपी को डेढ़ गुना तक बढ़ाया है। फिर भी यदि एमएसपी को लेकर किसानों के मन में कोई शंका है तो सरकार उसे लिखित आश्वासन के साथ दूर करने को तैयार है। लिहाजा किसान अपना गतिरोध खत्म करें।
समर्थन में आई जेबीटी एचटेट पास एसोसिएशन
हरियाणा में हजारों जेबीटी एचटेट पास युवाओं का संगठन भी किसानों के समर्थन में आ गया है। एसोसिएशन से प्रदेश में करीब 90 हजार युवा जुड़े हैं। प्रवक्ता राहुल ने बताया कि एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किसानों को खुला समर्थन देने का फैसला लिया है। जब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा, तब तक अपने मुद्दे से अलग वे लोग किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। जैसे ही किसानों की मांग सरकार द्वारा मान ली जाएंगी, उसके बाद जेबीटी भर्ती के लिए चंडीगढ़ में सचिवालय का घेराव कर अपनी मांगों को मनवाया जाएगा।
रेल यातायात प्रभावित, रद्द रहेंगी कुछ ट्रेन
किसान संगठनों द्वारा ट्रैक जाम करने की चेतावनी से रेलवे अलर्ट हो गया है। इसी के चलते पंजाब से आने वाली कुछ ट्रेनों के शेड्यूल को बदला गया है। रेलवे प्रशासन ने 12 दिसंबर को अजमेर से अमृतसर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 09611 और 13 दिसंबर को अमृतसर से अजमेर जाने वाली गाड़ी संख्या 096145 को रद्द कर दिया है। इसके अलावा अमृतसर से चलने वाली नांदेड एक्सप्रेस, पश्चिम एक्सप्रेस, कोआ-अमृतसर एक्सप्रेस व नागपुर-अमृतसर एक्सप्रेस 14 दिसंबर तक शार्ट टर्मिनेट रहेंगी। इसके अलावा गाड़ी संख्या 02903 व 02904 का रूट डायवर्ट कर दिया गया है।