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Kisan Andolan: सिंघु बॉर्डर पर भारी बवाल, आंसू गैस के गोले दागे, किसानों पर लाठीचार्ज
Fri, 27 Nov 2020 11:41 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 27 Nov 2020 11:41 AM IST
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Kisan Andolan Haryana News:
- फोटो : अमर उजाला
सोनीपत के हल्दाना बॉर्डर पर गुरुवार की रात 11 बजे से किसान डटे हुए हैं। इस दौरान किसानों ने बार-बार बेरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। रात में ही किसानों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। शुक्रवार सुबह बड़ी तादाद में किसान एक बार फिर दिल्ली बॉर्डर पर जुटने शुरू हुए। बहादुरगढ़ बॉर्डर पर भी माहौल तनावपूर्ण है। किसानों की भीड़ यहां बढ़ती ही जा रही है। उधर, सिंघु बॉर्डर पर पथराव और लाठीचार्ज की खबर है। किसानों को पीछे खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान शुक्रवार को दूसरे दिन भी पुलिस प्रशासन के अवरोधकों को लांघकर दिल्ली की ओर बढ़ते चले गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पंजाब की सीमा से लगते सिरसा, फतेहाबाद, जींद समेत अन्य जिलों में अवरोधक लगाए थे। मगर किसानों के काफिले के आगे सभी बाधाएं बौनी दिखीं।
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दिल्ली कूच के लिए निकले किसानों ने शुक्रवार सुबह को हरियाणा पंजाब की सीमा पर स्थित डबवाली में नाकेबंदी को तोड़ दिया। इसके बाद दूसरे बड़े अवरोधक घग्गर पुल को भी 45 मिनट में खोल दिया। इस दौरान सिरसा के साहुवाला गांव से लेकर डबवाली तक किसानों का करीब 45 किलोमीटर लंबा काफिला था, जिसमें 15 हजार के करीब किसान शामिल थे।
फतेहाबाद : किसानों ने नहर में फेंके बेरिकेड्स, जेसीबी से मिट्टी व क्रेन से हटाए पत्थर
किसानों ने डबवाली व सिरसा के बाद फतेहाबाद के गांव भोडा होशनाक में हाईवे पर लगे नाके को भी लांघ दिया। पांच हजार से अधिक किसानों की संख्या देखकर पुलिस प्रशासन पीछे हट गया। इसके बाद किसानों ने जेसीबी से मिट्टी और क्रेन से पत्थर हटाने के बाद बेरिकेड को नहर में फेंक दिया। इससे पहले डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सहित प्रशासनिक अमला रैपिड एक्शन फोर्स के साथ भोडा होशनाक नाके पर सुबह से ही पहुंचा हुआ था। प्रशासन ने इस नाके पर मिट्टी डलवाकर बैरिकेड लगवा दिए। वहीं, एक तरफ ट्रकों को खड़ा कर रास्ता रोक दिया था।
हिसार: प्रशासन ने खुद हटवाई मिट्टी, दिल्ली जाने दिए किसान
प्रशासन ने जिले के रामायण टोल पर सुबह के समय सड़क पर मिट्टी डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। लेकिन शाम को जेसीबी से मिट्टी हटवाकर रास्ता खोल दिया। दूसरी ओर तीन दिन पहले हिरासत में लिए गए किसान नेता सुरेश कोथ, राजेंद्र उर्फ शीलू लोहान, विनोद उर्फ जंगी लोहान, विकास सीसर को नायब तहसीलदार अमित माथुर ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा एसडीएम कार्यालय में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर रिहा कर दिया गया।
जींद : किसानों को नहीं रोक पाया प्रशासन, जुलाना में काटेंगे रात
पंजाब से दिल्ली के लिए निकले किसानों को तमाम प्रयास के बावजूद प्रशासन नहीं रोक पाया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे किसान पंजाब सीमा से चले और नरवाना पहुंचे। इसके बाद उचाना और दोपहर बाद चार बजे जींद पहुंचे। इसके बाद किसानों ने गोसाई खेड़ा, किनाना व गतौली गांवों के पास डेरा डाल दिया। यहीं रात्रि ठहराव के बाद सुबह दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
#WATCH Water cannon and tear gas shells used to disperse protesting farmers at Shambu border, near Ambala pic.twitter.com/EaqmJLhAZI
— ANI (@ANI) November 27, 2020
25 किमी लंबे काफिले में किसान दिल्ली रवाना
किसान संगठन शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर से दिल्ली रवाना हो गए। ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों पर सवार किसानों का काफिला 25 किलोमीटर लंबा था। काफिले का अगला हिस्सा हरियाणा के शहर नरवाना में और दूसरा हिस्सा खनौरी में था। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह संगरूर, पटियाला, बरनाला, मानसा, फरीदकोट से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में दिल्ली की तरफ रवाना हुए।
किसानों को आगे बढ़ने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि दिल्ली जाते समय रास्ते में आने वाली हर मुसीबत का संगठन अपने दायरे में रहकर विरोध करेगा। मोर्चा फतेह होने तक केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा। भाकियू उगराहां किसी एक की जागीर नहीं। जो भी फैसला लिया जाता है एकजुट होकर लिया जाता है।
आप नेताओं को किसानों ने सुनाई खरी-खोटी
खनौरी से किसानों के काफिले में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं को किसानों की खरी-खोटी सुननी पड़ी। एक ट्रैक्टर पर सवार जगरांव से विधायक सरबजीत कौर माणूके और यूथ नेता व पंजाबी कलाकार अनमोल गगन मान को किसानों ने कहा कि वह ट्रैक्टर पर सवार तो हो गए हैं लेकिन फोटो खिंचवाने तक सीमित न रहें।
बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर किसान और दिल्ली पुलिस आमने-सामने।
पंजाब सीमा से चले किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने उझाना गांव में सड़क पर मिट्टी डाल दी लेकिन किसानों के पास गड्ढे पाटने से लेकर खोदने, अवरोधक हटाने के तमाम उपकरण मौजूद थे। ऐसे में प्रशासन ने इसके बाद किसानों को रोकने का प्रयास नहीं किया। हालांकि रोहतक जिले की सीमा से पहले किलाजफरगढ़ गांव के पास गड्ढा खोदा गया लेकिन किसानों के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोगों ने उसे बंद कर दिया।
रोहतक : प्रशासन ने सड़क तोड़ी, आंसू गैस छोड़ी, पानी की बौछारें की फिर भी नहीं रुके किसान
किसानों को रोकने के लिए शासन व प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए थे। सड़क खोद कर बैरिकेड्स लगाए। पानी की बौछारें मारी, आंसू गैस के गोले भी फेंके। पुलिस व किसानों के बीच महम में करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद किसान बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए।
लाखनमाजरा में सरकारी निर्देश मिलने के बाद प्रशासन ने खुद बैरिकेड्स हटा दिए। लाखनमाजरा में शुक्रवार सुबह ही पुलिस अलर्ट नजर आई। सड़क खोदकर दिल्ली जाने वाले किसानों व वाहनों को रोक दिया गया। इस दौरान एंबुलेंस तक जाम में फंसी नजर आई। यह एंबुलेंस एक मरीज को लेने के लिए निकली थी, मगर जाम के कारण बैरंग लौट गई। बरात लेकर जा रहा दूल्हा अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ घंटों जाम में फंसा रहा।
ट्रैक्टर से विधायक कुंडू दिल्ली रवाना
रोहतक में महम विधायक बलराज कुंडू के जींद बाईपास स्थित फार्म हाउस पर शुक्रवार को किसान इकट्ठा हुए। यहां अपनी बातचीत के बाद सभी विधायक की अगुवाई में दिल्ली की ओर चल पड़े। विधायक खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर किसान आंदोलन में शामिल होने निकले।
बहादुरगढ़ : दिल्ली पुलिस और किसान करीब छह घंटे आमने-सामने डटे रहे
शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने घंटों तक जद्दोजहद की। करीब तीन घंटे तक पुलिस ने किसानों को वापस भेजने की काफी कोशिश की। पुलिस ने रास्ता नहीं दिया तो किसानों ने बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और पानी की बौछारें की। लेकिन किसानों ने परवाह नहीं की और सारे अवरोध हटाकर दिल्ली के लिए बहादुरगढ़ की तरफ बढ़ गए।
रोहतक की ओर से 500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों में आए लगभग तीन हजार किसान रात करीब दो बजे रोहद टोल प्लाजा पर पहुंच गए। लेकिन एक गेट को छोड़ टोल के सभी गेटों को पुलिस ने अवरोध लगाकर बंद कर दिया था। वे जबरन अवरोध हटाने लगे तो पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बावजूद किसान अवरोध हटाने में कामयाब रहे। दोपहर 3:15 बजे के आसपास पुलिस ने खुद बैरिकेड हटा दिए।
भिवानी में किसान की कुचलकर मौत
देर रात करीब 12:30 बजे हांसी नाका तोड़ने के बाद भिवानी पहुंचे किसानों ने मुंढाल गांव के पास लगे नाके को तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस ने पानी की बौछारें भी की। नाक तोड़ निकलने के दौरान एक ट्रक ने किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी दी। जिसमें एक किसान की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस घटना से खफा किसानों ने बीच सड़क पर ही शव रखकर जाम लगा दिया। उपायुक्त जयवीर सिंह आर्य, पुलिस अधीक्षक सुमेर प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। मगर किसान नहीं माने। किसानों ने मांग की है कि मृतक किसान के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सारा कर्जा माफ किया जाए। घायलों का कर्जा भी माफ किया जाए। किसानों की इस मांग पर अभी तक सहमति नहीं बनी है और बीच सड़क पर ही शव रखा हुआ है।