किसानों ने केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे किया बंद, दो घंटे हंगामे के बाद खोला, पांच किमी लंबा जाम लगा
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कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर हरियाणा में नेशनल हाईवे-44 स्थित कुंडली बॉर्डर पर जमे किसानों ने गुरुवार को प्रदर्शन करते हुए शाम पौने छह बजे केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे ही जाम कर दिए। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य अवरोधक रखकर दोनों एक्सप्रेस-वे बंद कर दिए। पहले ही नेशनल हाईवे बंद होने से दिल्ली जाने के लिए वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई।
एसडीएम विजय सिंह जाम खुलवाने के लिए जाने लगे तो उनकी गाड़ी भी जाम में फंस गई। वह पैदल ही गनर के साथ जाने लगे और एक कैंटर पर लटककर केएमपी पर पहुंचे। वहां करीब दो घंटे की बातचीत के बाद वह सड़क से हटकर धरना स्थल पर गए। जिसके बाद वाहन चालकों को राहत मिली। इस दौरान करीब पांच किलोमीटर तक वाहन जाम में फंसे रहे।
कुंडली बॉर्डर पर धरनारत किसानों ने दो दिन से केएमपी-केजीपी पर अपना रोष शुरू कर रखा है। पहले केजीपी से दिल्ली की तरफ उतरने वाले मार्ग को रोका गया। उसके एक दिन बाद केएमपी पर चढ़ने वाले गोलचक्र के रोड को भी बंद कर दिया गया। जिससे केएमपी पर जाने के लिए वाहन चालकों को केजीपी टोल से लंबा चक्कर लगाकर वापस केएमपी पर आना शुरू कर दिया। लेकिन गुरुवार शाम को तो किसानों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए केजीपी-केएमपी को ही बंद कर दिया।
कुंडली बॉर्डर से प्रीतमपुरा तक डटे हजारों किसानों में से सैकड़ों किसान केजीपी व केएमपी के जीरो प्वाइंट पर पहुंचे और बैरिकेड और ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर जाम लगा दिया। केजीपी-केएमपी बंद करते ही कुछ देर में ही मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलते ही एसडीएम विजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया।
किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। उसके बाद एसडीएम विजय मलिक लगातार उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। करीब दो घंटे बाद पौने आठ बजे किसान सड़क से हटने को तैयार हुए। उसके बाद वह धरनास्थल पर चले गए।
हरियाणा के साथ पंजाब के किसान रहे मौजूद
कुंडली बॉर्डर से केजीपी-केएमपी पर पहले करीब 20 किसान पहुंचे थे। जिनमें ज्यादातर हरियाणा के थे। उसके बाद पंजाब व हरियाणा के सैकड़ों किसान एकत्रित हो गए। उन्होंने पहले ट्रैक्टर-ट्रालियां रोड के बीच में खड़ी की और बाद में बैरिकेड व खंभे अड़ाकर जाम लगा दिया। जिसके बाद वाहन फंसते चले गए।
पांच किलोमीटर तक लग गई वाहनों की कतार
किसानों के जाम के कारण कुछ देर में ही केजीपी-केएमपी पर वाहनों की कतार लग गई। नेशनल हाईवे-44 बंद होने के कारण ज्यादातर वाहन अब केजीपी-केएमपी के रास्ते ही जा रहे हैं। ऐसे में दोनों एक्सप्रेस-वे बंद होने से वाहनों की कतार लगती चली गई। जाम खुलने के बाद भी वाहनों को निकालने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
नेशनल हाईवे 44 से हटाए पत्थर, ऑटो चलने से मिली राहत
दो दिन से नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन को भी किसानों ने बंद कर दिया था। जिससे फैक्टरी व अन्य स्थानों पर ऑटो व दुपहिया से आवागमन करने वाले लोगों की दिक्कत बढ़ गई थी। कई लोगों को सात किलोमीटर तक पैदल चलकर कुंडली आवागमन करना पड़ रहा था। हालांकि गुरुवार सुबह किसानों ने लोगों की मुसीबत को देखते हुए ऑटो व दुपहिया वाहन चलने की अनुमति दे दी। जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
किसानों ने केजीपी-केएमपी पर अवरोधक लगाकर जाम लगा दिया था। किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाया गया। काफी देर तक बातचीत के बाद आखिर किसान मान गए और जाम हटाकर धरना स्थल पर चले गए। जिसके बाद स्थिति को सामान्य कर दिया गया है। विजय मलिक, एसडीएम सोनीपत।