फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kisan Andolan against farm laws was in discussion this year

Year Ender 2021: किसानों ने खड़ा किया स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन, सरकार झुकी फिर लौटे खुशी-खुशी

Fri, 31 Dec 2021 07:33 AM IST
ajay kumar अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 31 Dec 2021 07:33 AM IST
सार

पिछले साल शुरू हुआ किसान आंदोलन 2021 के आखिरी तक जारी रहा। केंद्र सरकार को किसानों के आंदोलन के आगे झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया तो किसानों की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ। 

विज्ञापन
Kisan Andolan against farm laws was in discussion this year
किसान आंदोलन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2021 देश के साथ ही पूरे विश्व को भी याद रहेगा। इस साल किसानों ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़े आंदोलन को खड़ा कर ऐतिहासिक इबारत लिख दी। कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन 13 माह तक चला। अंत में केंद्र सरकार को किसानों के सामने घुटने टेकने पड़े और उनकी सभी मांगों को मानकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा।

विज्ञापन


5 जून, 2020 को केंद्र सरकार ने तीन कृषि विधेयकों को संसद के पटल पर रखा। 20 सितंबर को लोकसभा के बाद इसे राज्यसभा में पारित किया गया। यहीं से इस ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत हुई। 24 सितंबर को आंदोलन की शुरुआत पंजाब के किसानों ने शुरू की। आंदोलन के तहत किसानों ने 3 दिन के लिए रेल रोकी। 
विज्ञापन


15 अक्तूबर से आंदोलन चलाने की चेतावनी किसानों ने दी। इसके बाद आंदोलन के दौरान कई उतार चढ़ाव आए। रेल रोको से शुरू हुए किसान आंदोलन को अन्य राज्यों से भी भरपूर सहयोग मिला। इसके बाद लाखों किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली की। इस दौरान पहली बार आंदोलन हिंसात्मक हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
आंदोलन के दौरान बेअदबी के आरोप में युवक की नृशंस हत्या दिल्ली बॉर्डर पर हुई। देश विरोधी तत्वों की शामूलियत के आरोपों से आंदोलन पर सवाल भी उठे। आंदोलन के दौरान लगभग 700 से अधिक किसानों की मौत भी हुई। 9 दिसंबर, 2021 को किसान संगठनों की कई मांगों को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया। 

मुआवजे को लेकर सहमति जताते हुए बिजली बिल को लेकर कहा गया कि संसद में लाने से पहले संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा की जाएगी। सरकार के नए प्रस्ताव पर पहले संयुक्त किसान मोर्चा की पांच नेताओं की कमेटी ने नई दिल्ली में बैठक की और फिर सिंघु बॉर्डर पर मोर्चा की बड़ी बैठक में प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया।

एक नजर में किसान आंदोलन

  • 5 जून, 2020: तीन कृषि बिलों को अध्यादेश के जरिए केंद्र सरकार लेकर आई
  • 14 सितंबर, 2020: पहली बार केंद्र सरकार ने इन अध्यादेशों को संसद में पेश किया
  • 17 सितंबर, 2020: तीनों कृषि बिल लोकसभा से पारित हुए
  • 20 सितंबर, 2020: कृषि बिल राज्यसभा में पेश किए गए
  • 25 सितंबर, 2020: कृषि बिलों को लेकर पंजाब के किसान संगठनों ने विरोध शुरू किया
  • 27 सितंबर, 2020: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीनों कृषि बिलों को हरी झंडी दे दी
  • 25 नवंबर, 2020: किसान संगठनों का दिल्ली चलने का आह्वान
  • 26 नवंबर, 2020: दिल्ली कूच के दौरान पुलिस से किसानों का आमना-सामना
  • 29 नवंबर, 2020: दिल्ली की सीमाओं पर किसानों ने दिया पक्का धरना
  • 3 दिसंबर, 2020: सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ
  • 8 दिसंबर, 2020: किसानों ने भारत बंद बुलाया
  • 9 दिसंबर, 2020: किसानों ने कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव खारिज कर दिया
  • 11 दिसंबर, 2020: कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई
  • 7 जनवरी, 2021: याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनने पर सहमति जताई
  • 11 जनवरी, 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी का गठन करने के लिए कहा
  • 12 जनवरी, 2021: सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों को स्थगित कर दिया
  • 26 जनवरी, 2021: गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली बुलाई। 
  • हिंसक झड़पें हुईं, लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराए जाने की हुई घटना
  • 9 फरवरी, 2021: पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को 26 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया
  • 5 मार्च, 2021: पंजाब विधानसभा ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
  • 7 अगस्त, 2021: संसद में किसान आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों ने बैठक बुलाई
  • 28 अगस्त, 2021: हरियाणा पुलिस ने करनाल में लाठीचार्ज किया
  • 11 सितंबर, 2021: सरकार ने लाठीचार्ज मामले की जांच करने की बात कही
  • 17 नवंबर, 2021: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की बात कही
  • 19 नवंबर, 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया
  • 19 नवंबर, 2021: कानून वापसी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी, मुकदमा वापसी, मृतक किसानों को मुआवजा सहित छह मांगें रखीं
  • 24 नवंबर, 2021: मोदी सरकार ने कृषि कानून को वापस लेने के लिए कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी
  • 29 नवंबर, 2021: संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों से कृषि कानून को वापस लेने के बिल को पास कर दिया गया
  • 1 दिसंबर, 2021: कृषि कानून वापसी बिल पर राष्ट्रपति की लगी मुहर
  • 4 दिसंबर, 2021: कृषि कानून के वापसी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें एमएसपी गारंटी कानून सहित तमाम मांगों को लेकर सरकार के सामने प्रस्ताव के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी बनी
  • 9 दिसंबर, 2021: किसान संगठनों के प्रस्तावों में से कई मांगों को सरकार ने स्वीकार किया। जिसके बाद धरना खत्म करने का किसानों ने एलान कर दिया
  • 11 दिसंबर, 2021: किसान संयुक्त मोर्चा विजय दिवस मनाया। किसानों ने घर वापसी की
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed