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'बहादुरी' पर उठे सवाल तो बहनों ने काटा बवाल

Thu, 15 Jan 2015 08:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 15 Jan 2015 08:06 AM IST
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Khap Panchayat Interference in Brave Sisters Molestion Case

रोडवेज बस में दो बहनों के साथ छेड़छाड़ व मारपीट मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार को दोनों बहनों के पक्ष में गांव थाना खुर्द के ग्रामीणों के साथ सामाजिक संगठनों के लोगों ने डीसी व एसपी से मुलाकात की।

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इस दौरान दोनों बहनों के ही गांव के कुछ लोगों ने एसपी के सामने लड़कों के पक्ष में चार महिलाओं द्वारा दिए शपथपत्रों को झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन चारों महिलाएं गांव में ही थी।
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वहीं उनका आरोप था कि खाप पंचायतों की ओर से सामाजिक समझौते को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप था कि खाप पंचायतों की ओर से दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है।
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साथ ही उनका कहना है कि समझौते की बात पर सहमति केवल तभी बन सकती जब दोनों बहनों के सम्मान को सरकार बहाल करे और सही तरीके से पंचायत सामने आकर समझौते के लिए बात करे।

बहनों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

Khap Panchayat Interference in Brave Sisters Molestion Case

रोडवेज बस में छेड़छाड़ व मारपीट मामले को लेकर पूजा व आरती के साथ काफी संख्या में थाना खुर्द के ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने महिलाओं के शपथ पत्रों को झूठा करार देते हुए उनके खिलाफ काउंटर शपथपत्र देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि एसपी को उन लोगों ने अपने नंबर नोट कराए हैं और एसपी ने भी उन्हें शपथपत्रों की जांच कराने की बात कही है। इस दौरान हरियाणा बैरागी सभा के अध्यक्ष नरेंद्र खटकड़ ने कहा कि खाप पंचायतों की ओर से लगातार सामाजिक स्तर पर समझौते की बात कर रहे हैं। लेकिन, समझौता तभी संभव है जब दोनों बहनों पूजा व आरती का मान सम्मान जो सरकार ने रोक दिया है वह बहाल होना चाहिए।

आरोपी युवकों को अपने किए के लिए माफी मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें एक पक्षीय नीति बनाते हुए नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक किसी पंचायत प्रतिनिधि ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है, लेकिन यदि कोई उनसे संपर्क करता है तो वे इस बारे में उनकी कोर कमेटी बैठक कर निर्णय लेगी। 

दोहरी रणनीति अपना रही है खाप पंचायत

Khap Panchayat Interference in Brave Sisters Molestion Case

इस दौरान वहां पहुंचे अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संगठन के प्रतिनिधि कृष्ण स्वामी ने कहा कि मामले में खाप पंचायतों की ओर से दोहरी रणनीति अपनाई जा रही है। एक ओर तो पंचायतों के प्रतिनिधि भाईचारे की बात कहकर समझौते की बात कह रहे हैं, दूसरी ओर गांव की पंचायत व अन्य लोग पुलिस पर दबाव बना रहे हैं कि लड़कियों के खिलाफ मामले दर्ज किया जाए।

उन्होंने कहा कि वह प्रशासन की नीयत पर शक नहीं कर रहे हैं पर जिस तरह जांच को लंबा खींचा जा रहा है, उससे लग रहा है कि कथित समझौते के लिए दबाव बनाने का मौका दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक तौर पर केस को निपटाने में उन्हें एतराज नहीं है, लेकिन इसके लिए नीयत ठीक होना जरूरी है।

वहीं, ऑल इंडिया मोस्ट बेकवर्ड एसोसिएशन से जुड़े वीरेंद्र स्वामी ने कहा कि कोर्ट के अलावा किसी दूसरी संस्था के नाम पर फैसले का सवाल ही पैदा नहीं होता। लेकिन बाद में इस फैसले की जिम्मेदारी 25 सदस्यीय कोर कमेटी में तय करने के लिए छोड़ दिया गया।

कोर कमेटी का फैसला होगा मंजूर
दोनों बहनों के पिता राजेश बैरागी ने कहा कि 18 जनवरी को होने वाली महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए अभी उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कोई फैसला स्वयं नहीं करेंगे। जो भी कोर कमेटी फैसला करेगी उन्हें मंजूर होगा।

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