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चंडीगढ़ः कम्युनिटी सेंटर में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन, लोगों ने खूब लगाए ठहाके

Tue, 26 Jun 2018 09:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Jun 2018 09:54 AM IST
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kavi sammelan Organize in community center
कवि सम्मेलन
दिखे तुम्हारा विजन, वो आंख दिला दो, हम उड़ चलें विदेश, वो पंख दिला दो, चार बरस बीत गए इसी उम्मीद में, अच्छे दिन आ जाएं, पंद्रह लाख दिला दो। मौजूदा सरकार पर व्यंग्य कसते हुए महेंद्रगढ़ से आए त्रिलोक फतेहपुरी ने केंद्र की मोदी सरकार पर कटाक्ष किया तो दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। मौका था सेक्टर-18 के कम्युनिटी सेंटर में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का। सम्मेलन में जाने-माने कवियों के साथ बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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दिल्ली सरकार के काका हाथरसी सम्मान और हरियाणा सरकार के साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित जाने माने कवि महेन्द्र शर्मा ने सम्मेलन का आगाज देश की उन्नति से ओतप्रोत कविता सुनाई। साथ ही आशिक मिजाज पति और चतुर बीवी के बीच उभरने वाले हास्य को अपनी कविता ‘वो छत पर गया पतंग उड़ाने के बहाने, पड़ोसन भी आ गई कपडे़ सुखाने के बहाने, बीवी ने देखे जब यह रंगीन नजारे, वो डंडा ले गई बंदर भगाने के बहाने... के माध्यम से सुनाया तो दर्शक जमकर हंसे।
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इसके बाद गंदी राजनीति पर कवियों ने जमकर कटाक्ष किया। कवि ने कहा-कभी हिंदू, कभी मुसलमान, कभी कुछ खास के मुद्दे कभी कुछ आम के मुद्दे, इन मुद्दों को बेचने वालों से कोई पूछ कर देखे, सिवा वोटों के कौन से हैं काम के मुद्दे... जिस दर्शकों ने खूब सराहा। 
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इसके अलावा रेवाड़ी से आए कवि आलोक मंडोरिया ने ‘आजकल के नन्हे-मुन्ने कुछ यूं जी रहे हैं, मदर की जगह अब मदर डेयरी का दूध पी रहे हैं... सुनाकर आज के समय में बच्चों की परवरिश की ओर ध्यान आकर्षित किया। वहीं, 75 वर्षीय कवि सत्यदेव हरियाणावी ने अपने भाव इस प्रकार प्रकट किए कि ‘नेता जी ये सोचते-सोचते हो गए बीमार कि कब जाएगी यह वर्तमान सरकार, सरकार जाए या न जाए, पर मैं डाक्टर के पास जरूर जाऊंगा। वर्ना चुनाव आने पहले से ही मैं ही भूतपूर्व हो जाऊंगा...’


वहीं पहले आदमी हूं फिर बाद में कवि हूं से अपना परिचय देने वाले सिरसा के आए हलचल हरियाणवी उर्फ विष्णु दत्ता ने कहा कि कवि युग का दर्पण होते हैं जो समाज में देखते और भोगते हैं उसे की अपनी रचनाओं के माध्यम से बयान करते हैं।
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