कठुआ गैंगरेपः सांझी राम समेत सभी दोषी सजा के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट, 18 जुलाई को सुनवाई
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में मासूम बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के केस के मुख्य आरोपी सांझी राम ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने अपील को सुनवाई के लिए एडमिट करते हुए अन्य पांचों दोषियों की अपील के साथ इस पर 18 जुलाई से नियमित सुनवाई का निर्णय लिया है।
सांझी राम से पहले इसी मामले में दोषी करार दिए जा चुके अन्य पांचों दोषियों परवेश कुमार, सुरिंदर कुमार, दीपक खजुरिया और आनंद दत्ता ने सजा के फैसले को हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती पहले ही दे चुके हैं।
शुक्रवार को सांझी राम ने भी सीनियर एडवोकेट जेएस बेदी और सोनप्रीत बराड़ के जरिए सजा के खिलाफ अपनी अपील दायर कर दी है। हाईकोर्ट ने सभी की अपीलों पर सुनवाई करते हुए उन्हें एडमिट कर लिया है और उन पर लगाए गए जुर्माने पर रोक लगा 18 जुलाई से बहस के आदेश दे दिए हैं।
पठाकोट की सेशन कोर्ट ने इस मामले के 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांजी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पुलिस ऑफिसर सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल की कैद की सजा दी गई है।
यह है मामला
गत वर्ष यह मामले के सामने आने के बाद से ही पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था। गौरतलब है कि गत वर्ष 10 जनवरी को कठुआ के एक गांव की एक बच्ची अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन बच्ची के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी थी। 17 जनवरी को पुलिस को बच्ची का शव मिला।
शव मिलने के अगले ही दिन पुलिस ने इस मामले में एक 15 साल के नाबालिग युवक को गिरफ्तार किया। बाद में इस आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य की गिरफ्तारियां हुई थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का ट्रायल जम्मू-कश्मीर की बजाय पठानकोट में चलाने के आदेश दे दिए थे। पठानकोट की जिला अदालत ने 10 जून को इस मामले के 7 में 6 आरोपियों को दोषी करार दे सजा सुना दी थी।