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भाजपा सांसद ने कहा- कश्मीर के पत्थरबाजों को गोली मार देनी चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 12 Jun 2018 09:33 AM IST
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बीजेपी के सांसद डीपी वत्स
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जम्मू कश्मीर के पत्थरबाजों को लेकर देश भर में बयानबाजी का दौर जारी है। अब बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने बड़ा बयान दिया है। हरियाणा के भिवानी जिले से बीजेपी के राज्यसभा सांसद डीपी वत्स का कहना है कि मैंने पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज केस वापिस लिए जाने के बारे में पढ़ा, लेकिन मेरे ख्याल से उन्हें गोली मार देनी चाहिए।
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I read about the withdrawal of cases against stone-pelters but I think those pelting stones should be shot dead: DP Vats, BJP Rajya Sabha MP in Bhiwani, Haryana (09.06.2018) pic.twitter.com/l8dFfvjpQA
— ANI (@ANI) June 11, 2018विज्ञापन
तीन जवानों के बच्चों ने याचिका दायर करके पूछा सवाल
पत्थरबाजी
दो सेवारत और एक सेवानिवृत्त जवानों के बच्चों प्रीति, काजल और प्रभव द्वारा दायर याचिका में पूछा गया है कि जिन सुरक्षाबल के मानवाधिकार का हनन हो रहा है क्या उन्हें मानवाधिकारों की रक्षा करने वालों की जरुरत नहीं है?
इसके साथ ही उस याचिका में बच्चों ने इस बात का भी जिक्र किया है कि भारत के नागरिक, युवा और खासकर एक सेना के जवान के बच्चे होने के नाते वह उन जवानों को लेकर चिंतित हैं जिनकी तैनाती ऐसे अशांत क्षेत्रों में की गई है।
इस याचिका पर केंद्र सरकार ने मानवाधिकार आयोग को जवाब दिया है। केंद्र का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा पत्थरबाजों के खिलाफ दायर केस को वापस लेने से घाटी में तैनात सुरक्षाबलों का मनोबल गिरेगा।
इससे आतंकियों को नागरिकों का इस्तेमाल मानव ढाल के तौर पर करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का बढ़ावा मिलेगा। सरकार का दायित्व है कि वह जजवानों के मानवाधिकारों को बचाने के लिए पत्थरबाजों और उकसाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
इसके साथ ही उस याचिका में बच्चों ने इस बात का भी जिक्र किया है कि भारत के नागरिक, युवा और खासकर एक सेना के जवान के बच्चे होने के नाते वह उन जवानों को लेकर चिंतित हैं जिनकी तैनाती ऐसे अशांत क्षेत्रों में की गई है।
इस याचिका पर केंद्र सरकार ने मानवाधिकार आयोग को जवाब दिया है। केंद्र का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा पत्थरबाजों के खिलाफ दायर केस को वापस लेने से घाटी में तैनात सुरक्षाबलों का मनोबल गिरेगा।
इससे आतंकियों को नागरिकों का इस्तेमाल मानव ढाल के तौर पर करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का बढ़ावा मिलेगा। सरकार का दायित्व है कि वह जजवानों के मानवाधिकारों को बचाने के लिए पत्थरबाजों और उकसाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।