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करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान सरकार करेगी ये दो खास व्यवस्थाएं, कमेटी बनाई
Thu, 18 Jul 2019 01:26 PM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 18 Jul 2019 01:26 PM IST
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श्री करतारपुर साहिब
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श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान सरकार दो खास व्यवस्थाएं करेगी, जिससे संगत को काफी फायदा होगा। पाक सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बनाई जाने वाली सुरक्षा चौकी से श्री दरबार साहिब तक विशेष परिवहन व्यवस्था करेगी। दरबार साहिब में तीर्थयात्रियों के लिए तीन वक्त लंगर भी लगाया जाएगा।
विदेशों में बसे भारतीयों को, जिनके पास अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व अन्य देशों का वीजा होगा, उन्हें भी गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने व वहां ठहरने की अनुमति दी जाएगी। दुनिया भर से आने वाले पांच हजार श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सराय बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एफआईए से फंड जारी करने की मांग की है।
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विदेशों में बसे भारतीयों को, जिनके पास अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व अन्य देशों का वीजा होगा, उन्हें भी गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने व वहां ठहरने की अनुमति दी जाएगी। दुनिया भर से आने वाले पांच हजार श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सराय बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एफआईए से फंड जारी करने की मांग की है।
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धार्मिक पर्यटन बढ़ाने के प्रयास में पाक
पाकिस्तान सरकार करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के बाद इस रास्ते को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग करने के प्रयास में जुट गई है। आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तान ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से गुरुद्वारा ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब सहित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करवाने के लिए एक अन्य कॉरिडोर के निर्माण पर गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है।
पाकिस्तान सरकार दुनिया भर में बसे सिखों को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए 4 से 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार करने की कोशिश में है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें चार केंद्रीय मंत्री, एक धार्मिक मामलों के मंत्री व तीन मंत्री पाकिस्तान पंजाब के साथ-साथ कई अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
पाकिस्तान सरकार दुनिया भर में बसे सिखों को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए 4 से 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार करने की कोशिश में है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जिसमें चार केंद्रीय मंत्री, एक धार्मिक मामलों के मंत्री व तीन मंत्री पाकिस्तान पंजाब के साथ-साथ कई अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
जिस जमीन पर गुरु नानक देव जी खेती करते थे, वहां नहीं होगा कोई निर्माण
पाकिस्तान पंजाब के गवर्नर चौधरी मोहम्मद सरवर ने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के पास मौजूद उस जमीन पर कोई भी निर्माण करने पर पाबंदी लगा दी है, जिस पर श्री गुरु नानक देव खेती करते थे।
इसके साथ ही पाकिस्तान पंजाब सरकार ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए आवंटित तीन एकड़ जमीन के रकबे को 14 गुना बढ़ाकर 42 एकड़ करने की घोषणा की है। आवंटित की गई 42 एकड़ जमीन गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए व शेष 62 एकड़ जमीन विरासती संभाल के लिए संरक्षित की गई है।
इस तरह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए कुल जमीन 104 एकड़ होगी। विदेशों में बने कई सिख संगठनों ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर मांग की थी कि गुरुद्वारा साहिब के आसपास उस 104 एकड़ भूमि को संरक्षित किया जाए, जहां बाबा नानक खेती करते थे। पाकिस्तान सरकार ने विदेशी सिखों की इस मांग को स्वीकार कर लिया है।
इसके साथ ही पाकिस्तान पंजाब सरकार ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए आवंटित तीन एकड़ जमीन के रकबे को 14 गुना बढ़ाकर 42 एकड़ करने की घोषणा की है। आवंटित की गई 42 एकड़ जमीन गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए व शेष 62 एकड़ जमीन विरासती संभाल के लिए संरक्षित की गई है।
इस तरह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए कुल जमीन 104 एकड़ होगी। विदेशों में बने कई सिख संगठनों ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर मांग की थी कि गुरुद्वारा साहिब के आसपास उस 104 एकड़ भूमि को संरक्षित किया जाए, जहां बाबा नानक खेती करते थे। पाकिस्तान सरकार ने विदेशी सिखों की इस मांग को स्वीकार कर लिया है।