बेटे की सीख से मां 'डीआईडी सुपर मॉम' के टॉपर्स में
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कोई मां को प्रेरणा मानता है तो कोई अपने पिता व गुरु को, लेकिन करनाल की नाज अपने बेटे की प्रतिभा से इतनी प्रभावित हुई की उसे ही अपना आदर्श बना लिया। इसके बाद बेटे से ही प्रेरणा और सीख लेकर पहुंच गई डांस इंडिया डांस में।
दयाल सिंह स्कूल में बतौर साइंस अध्यापिका कार्यरत नाज पाठक ने जोश और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए करनाल की चमक पूरे देशभर में फैला दी। डांस इंडिया डांस सुपर मोम सीजन टू में शानदार प्रदर्शन करते हुए नाज ने पहले 36 प्रतिभागियों में जगह बनाने में सफलता हासिल की। रविवार को प्रसारित हुए डांस इंडिया डांस सुपर मोम कार्यक्रम में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नाज ने अभिनेता गोविंदा से ग्रेजुएट हैट व डिग्री प्राप्त की।
40 वर्षीय नाज के तीन बच्चे
साथ ही उन्हें गीता कपूर ने पावर पंख देकर सम्मानित किया। सेक्टर 13 की रहने वाले 40 वर्षीय नाज के तीन बच्चे हैं और तीनों डांस इंडिया डांस में हिस्सा ले चुके हैं। डीआईडी सीजन-1 में जहां पहले 100 सुपर मोम में नाज पहुंची थी, वहीं इस बार नाज ने सुधार करते हुए पहले 36 प्रतिभागियों में जगह बनाई।
डीआईडी मेगा ऑडिशन में घुटने में चोट लगने के कारण नाज को आउट कर दिया गया। नाज ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि वह अपने बेटे जतिन को अपना प्रेरणा स्रोत मानती है, साथ ही अपनी बेटी फिजा व रिहान से भी वह जो भी सीखने को मिलता है, सीखती हैं। नाज का अगला लक्ष्य डीआईडी सुपर मोम सीजन-3 में हिस्सा लेकर उसकी विजेता बनने का है।