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दर्शनी ड्योढ़ी गिराने के मामले में कमेटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट, अकाल तख्त पर तलब होंगे आरोपी

Sat, 06 Apr 2019 12:17 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 06 Apr 2019 12:17 PM IST
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Kar Seva by Jagjit Singh in Golden Temple, Commette Handed Over Enquiry Report
जांच रिपोर्ट सौंपते कमेटी के सदस्य
श्री दरबार साहिब की 200 वर्ष पुरानी दर्शनी ड्योढ़ी को कार सेवा के बाबा जगतार सिंह द्वारा  गिराए जाने के मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल को सौंपी गई। कमेटी में एसजीपीसी सदस्य भगवंत सिंह स्यालका, भाई राम सिंह, गुरमीत सिंह बूह और हरजीत सिंह शामिल थे। भाई लौंगोवाल ने कहा कि रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। रिपोर्ट का अच्छी तरह अध्ययन कर लिया गया है।
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इस रिपोर्ट के आधार पर जल्दी ही आरोपियों के विरुद्ध करवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट में दर्शनी ड्योढ़ी को गिराए जाने के पीछे बाबा जगतार सिंह और एसजीपीसी के पूर्व प्रबंधक प्रताप सिंह को आरोपी बताया गया है। एसजीपीसी आरोपियों के विरुद्ध पुलिस केस दर्ज करवाने के लिए कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर रही है। दर्शनी ड्योढ़ी को गिराए जाने के मामले को सिखों की धार्मिक भावनाओं के साथ किए गए खिलवाड़ और सिख मर्यादा के साथ जोड़कर एसजीपीसी यह रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के सामने भी पेश करेगी।
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ड्योढ़ी गिराए जाने के आरोपियों के खिलाफ कानूनी करवाई करने के साथ-साथ उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। भाई लौंगोवाल ने बताया कि ड्योढ़ी गिराए जाने से संगत की भावनाएं आहत हुई हैं। यह पूरा मामला धार्मिक व मर्यादा की अवज्ञा का है। इस मामले को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश किया जाएगा। एसजीपीसी गिराई गई दर्शनी ड्योढ़ी की विरासत को संरक्षित कर उसकी मुरम्मत करवाएगी। विशेषज्ञों की निगरानी में मुरम्मत का काम छह महीने में पूरा कर लिया जाएगा। 
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जांच कमेटी ने बाबा जगतार सिंह को भविष्य में किसी भी गुरुद्वारा साहिब की कार सेवा न देने की भी सिफारिश की है। जांच कमेटी की सभी सिफारिशों को एसजीपीसी लागू करेगी। उन्होंने कहा कि दर्शनी ड्योढ़ी को जल्दबाजी से गिराए जाने के कारणों की तह तक जाने के लिए कमेटी की जांच जारी रहेगी। इस अवसर पर एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह मौजूद थे।

एसजीपीसी ने बनाई विरासती कमेटी

एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने सिख विरासत के साथ जुड़ी इमारतों, विरासती यादगारों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और पेड़ों को बचने के लिए एक विरासती कमेटी का गठन कर दिया है।

एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने बताया कि इस कमेटी में एसजीपीसी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, एडवोकेट भगवंत सिंह स्यालका, जीएनडीयू के तीन वरिष्ठ अध्यापक डॉ. कश्मीर सिंह चहल, डॉ. सुलखण सिंह, प्रो. रावल सिंह आर्किटेक्ट, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के इतिहासकार डॉ. नरिंदर सिंह, हैदराबाद अजयाबघर के इंचार्ज सज्जन सिंह, कुलबीर सिंह शेरगिल के साथ-साथ एसजीपीसी के सचिव (इमारत) को भी इस टीम में शामिल किया गया है।

इस कमेटी के साथ एसजीपीसी के मिट सचिव तालमेल की भूमिका निभाएंगे। डॉ. रूप सिंह ने कहा कि इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य सिख विरासत को संभालना और जरूरत के अनुसार मरम्मत करवाना है। इस कमेटी की मंजूरी और रिपोर्ट के बिना भविष्य में किसी भी ऐतिहासिक इमारत को न तो गिराया जाएगा और न निर्माण होगा।
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