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मेहरम को मिला न्याय, कातिल को उम्रकैद, केस की टाइमलाइन

Thu, 25 Feb 2016 08:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Thu, 25 Feb 2016 08:43 AM IST
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justice to mehram, life imprisonment to tejinder pal singh ganju

आखिरकार मासूम मेहरम को न्याय मिल ही गया। अदालत ने उसके कातिल तेजिंदर सिंह गंजू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला सेशन जज तरसेम मंगला ने सुनाया। इस दौरान जज ने गंजू को सजा सुनाते हुए कहा कि जदो तक तू मरेगा नहीं तू जेल चल रहेगा।

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साथ ही विभिन्न धाराओं में उसे 17 हजार का जुर्माना लगाया है। इसके बाद उसे जेल भेज दिया। जिस समय अदालत ने फैसला सुनाया, उस समय गंजू के पारिवारिक मेंबर अदालत में मौजूद थे। जबकि, मेहरम के परिवार वाले अदालत में नहीं आए थे। गंजू के पैरेंट्स व वकील ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में जाएंगे।
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इन धाराओं में हुई सजा

धारा-302 के तहत आरोपी ताउम्र कैद व 10 हजार जुर्माना, धारा -364 के तहत 10 साल की सजा व पांच हजार जुर्माना। जुर्माना न चुकाने की स्थिति पर एक साल और जेल में बिताना पड़ेगा। जबकि, धारा-201 में तीन साल की सजा व दो हजार जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में छह महीने और जेल में बिताने पड़ेंगे।
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अदालत ने फैसले में ये सब कहा

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अदालत में शिकायतकर्ता की तरफ से केस लड़ रहे एडिशनल डिस्ट्रिक अटार्नी भूपिंदर सिंह ने मांग की थी कि आरोपी की मौत की सजा दी जाए। जबकि बचाव पक्ष के वकील विवेक शर्मा का कहना था कि आरोपी का चरित्र साफ है। इससे पहले वह किसी भी तरह के अपराध में शामिल नहीं था। इसलिए इसे कम से कम सजा दी जाए।

हालांकि, अदालत ने फैसले में कहा है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि आरोपी ने ऐसा अपराध किया है, जिसकी उससे उम्मीद नहीं की जा सकती। आरोपी ने मृतक बच्चे की मां हरिंदर कौर की उम्मीदों को तोड़ा है। जबकि, वह पहले ही अपनी शादी के टूटने का सामना कर रही थी। वहीं, उसने एक असहाय बच्चे का अपहरण कर मार डाला।

हालांकि, बच्चे को किडनैप कर जिस तरीके से मौत के घाट उतारा गया, वह इतना भीषण नहीं था। किडनैप करने के बाद उसने बच्चे का गला दबाया। इसके बाद उसने सबूतों को मिटाने के लिए बच्चे को सुनसान जगह में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। इसलिए उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती है।

वहीं, गंजू का कहना था कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। अदालत का कहना था कि बच्चे का अपहरण करना जल्द अमीर बनने का प्रमाण प्रतीत होता है। अदालत ने माना कि घटनास्थल से जांच अधिकारी ने फिंगर प्रिंट या पांवों के निशान नहीं लिए थे। लोगों को घटना स्थल तक जाने दिया गया था। हालांकि, केस की अन्य जांच पुलिस ने काफी गंभीरता से की थी।

यह है मेहरम मर्डर का पूरा मामला

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यह मामला 28 अक्तूबर 2014 का है। मेहरम फेज-9 स्थित घर के बाहर शाम को करीब साढ़े छह बजे खेल रहा था। इसी बीच अचानक लाइट गुल हो गई। इसीका फायदा उठाकर आरोपी तेजिंदर पाल सिंह गंजू मेहरम को चॉकलेट दिलाने के बहाने वहां से ले गया था। घरवालों ने बच्चे की काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।

इसके बाद मेहरम की मां और घरवालों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने अपहरण का संदेह मेहरम के दादा के परिवार पर जताया था। पुलिस ने दादा के परिवार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी बच्चे का पता नहीं चला। केस को सुलझाने के लिए आईजी पटियाला जोन ने मोहाली में डेरा जमा लिया था।

इसी बीच लोग भी संघर्ष की राह पर आ गए थे। विरोध में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला था। सात नवंबर को सेक्टर-69 की झाड़ियों में कूड़ा उठाने वाला व्यक्ति गया। उसकी नजर शव पर पड़ी। उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला था।

मेहरम की नानी ने कपड़ों से शव की पहचान की थी। शव पूरी तरह गल चुका थी। पुलिस ने शव का डीएनए भी करवाया था। जिससे मेहरम का शव होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद तेजिंदर को काबू किया था। तेजिंदर मेहरम के ही पड़ोस में रहता था।

इन्होंने गंजू को पहुंचाया सलाखों के पीछे
शिकायतकर्ता के वकील भूपिंदर सिंह ने बताया कि तीन मेन गवाहों ने गंजू को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। केवल कृष्ण नाम के जिस दुकानदार से उसने चॉकलेट खरीदी थी। उसने अदालत में उसकी शिनाख्त की है। इसके अलावा पार्षद आरपी शर्मा ने गंजू को स्कूटर पर मेहरम को ले जाते देखा था। जबकि, गंजू ने बाद में खुद ही जोगिंदर सिंह के आगे मेहरम को मारने की बात कबूल की थी।

यह रही मेहरम मर्डर केस की पूरी टाइम लाइन

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28 अक्तूबर 2014 का मेहरम का फेज-9 स्थित घर के बाहर से शाम के समय अपहरण हुआ।
29 अक्तूबर को पुलिस ने मेहरम के आस्ट्रेलिया में रहने वाले पिता वरिंदरपाल, दादा निर्मल सिंह, परमिंदर कौर और प्रभजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया।
07 नवंबर को मेहरम का शव सेक्टर-69 के पास झाड़ियों में कूड़े से बरामद हुआ था।
08 नवंबर को मेहरम के शव अंतिम संस्कार किया गया।
09 नवंबर को पारिवारिक मेंबरों ने कैंडल मार्च निकाला।
19 नवंबर को तेजिंदर पाल सिंह गंजू को किडनैपिंग व मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
15 व 20 जनवरी 2015 में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई।
04 मार्च को आरोपी पर चार्जेज फ्रेम किए गए।
20 फरवरी 2016 को गंजू को हत्या के केस में दोषी करार दिया गया

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