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Hindi News ›   Chandigarh ›   Justice Pritam Pal is investigating illegal mining in Bhiwani

भिवानी खनन हादसा: सेटेलाइट इमेज में कैद ठेकेदार की कारगुजारी, जस्टिस प्रीतम पाल तैयार कर रहे अंतरिम रिपोर्ट

Sun, 02 Jan 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 02 Jan 2022 04:01 AM IST
सार

जस्टिस प्रीतम पाल पूरे मामले पर अंतरिम रिपोर्ट एनजीटी को सौंप चुके हैं। इमेज मिलते ही अंतिम रिपोर्ट भी सौंप दी जाएगी।

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Justice Pritam Pal is investigating illegal mining in Bhiwani
हरियाणा के भिवानी में डाडम क्षेत्र में खादान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के डाडम क्षेत्र में हुए अवैध और अवैज्ञानिक खनन की पोल सेवानिवृत्त जस्टिस प्रीतम पाल कमेटी की अंतिम रिपोर्ट खोलने वाली है। कमेटी की ओर से जुटाई जा रही पहाड़ की सेटेलाइट इमेज में खनन ठेकेदार की पूरी कारगुजारी कैद है। जस्टिस प्रीतम पाल पूरे मामले पर अंतरिम रिपोर्ट एनजीटी को सौंप चुके हैं। इमेज मिलते ही अंतिम रिपोर्ट भी सौंप दी जाएगी।

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इसमें जिला प्रशासन की विरोधाभासी रिपोर्ट का भी भेद खुलेगा। जिला प्रशासन ने डाडम पहाड़ पर हुए अवैध व अवैज्ञानिक खनन को लेकर दो अलग-अलग रिपोर्ट सौंपी थी। दोनों आपस में मेल नहीं खाती थी, एक में बताया गया कि खनन गलत तरीके से हुआ है, जबकि दूसरी में कहा कि अवैध खनन के कोई साक्ष्य नहीं हैं।

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इस पर एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल का माथा ठनक गया। उन्होंने शिकायतों के मद्देनजर एनजीटी की हरियाणा इकाई के चेयरपर्सन जस्टिस प्रीतम पाल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित कर दी। इसमें खनिज एवं भू-गर्भ, वन एवं अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल किए गए। कमेटी को धरातल की स्थिति का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। 

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जस्टिस प्रीतम पाल ने कमेटी सदस्यों के साथ अक्तूबर 2021 में पूरे दिन डाडम पहाड़ का दौरा किया। मौके पर सौ से डेढ़ सौ ग्रामीण मिले, जिन्होंने बेतरतीब खनन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कमेटी उनके बयान रिकॉर्ड कर चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन ठेकेदार ने वन क्षेत्र में भी खनन किया है।

 

पहाड़ पर स्थित मंदिर तक इसकी जद में आ गया। लोगों ने कमेटी को उस समय ही बता दिया था कि अवैध खनन से बड़े हादसे का खतरा है। कमेटी सारे तथ्यों को शामिल कर अपनी अंतरिम रिपोर्ट नवंबर 2021 में एनजीटी को सौंप चुकी है। अब सेटेलाइट इमेज का इंतजार है, जिससे अवैध खनन पर मुहर लगनी बाकी है।

इमेज से ये सामने आएगा

पहाड़ खनन से पहले ऊपर व नीचे से कैसा था। खनन के लिए पहाड़ की पैमाइश किसने, कब और किस तरीके से की। कौन सी कंपनी ने कब, कहां से खनन शुरू किया। लीज एरिया में ही खनन हुआ या फिर अन्य क्षेत्रों में भी अवैध खनन किया गया।

सेटेलाइट इमेज मिलते ही अंतिम रिपोर्ट देंगे : प्रीतम पाल

जस्टिस प्रीतम पाल का कहना है कि कमेटी को अनेक अनियमितताएं मिली हैं। अंतिम रिपोर्ट में उनका जिक्र किया गया है। सेटेलाइट इमेज आने के बाद अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी। यह मामला संविधानिक पीठ के समक्ष विचाराधीन है। जांच रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

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