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जस्टिस एमएस चौहान पीसीए के चेयरमैन नियुक्त, 3 साल का होगा कार्यकाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Mar 2017 02:19 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : file photo
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यूटी प्रशासन ने जस्टिस (रिटायर्ड) एमएस चौहान को पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए), चंडीगढ़ का चेयरमैन नियुक्त किया है। पिछले लंबे समय से पीसीए में चेयरमैन का पद खाली पड़ा हुआ था। साथ ही शुक्रवार को यूटी प्रशासन की ओर से जारी आदेश में रिटायर्ड आईपीएस अफसर अमरजोत सिंह गिल को पीसीए का सदस्य नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि पिछले करीब एक साल से ज्यादा समय से पीसीए में चेयरमैन पद खाली पड़ा हुआ था। पीसीए में कोई कामकाज नहीं हो रहा था। चेयरमैन की नियुक्ति के लिए में एक वकील ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। प्रशासन ने जारी किए आदेशों में कहा है कि नियुक्त किए गए चेयरमैन व इसके सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।
पीसीए पुलिस अधिकारियों के जांच व उनके खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत दे सकते है। पीसीए को पीड़ित की ओर से शिकायत मिलने के 60 दिनों के अंदर मामले की सुनवाई कर फैसला देना होगा। अगर पीसीए 60 दिन के समय में किसी कारणवश जांच पूरी नहीं कर पाता तो उन कारणों की एक रिपोर्ट प्रशासक को सौंपनी होगी। ज्ञात रहे कि इससे पहले पीसीए ने कई यूटी पुलिस विभाग के कर्मियों के खिलाफ लाइन हाजिर से लेकर निलंबन तक के आर्डर दिए थे, लेकिन शायद ही पीसीए के किसी फैसले पर पुलिस विभाग अपने किसी मुलाजिम के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक की है।
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गौरतलब है कि पिछले करीब एक साल से ज्यादा समय से पीसीए में चेयरमैन पद खाली पड़ा हुआ था। पीसीए में कोई कामकाज नहीं हो रहा था। चेयरमैन की नियुक्ति के लिए में एक वकील ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। प्रशासन ने जारी किए आदेशों में कहा है कि नियुक्त किए गए चेयरमैन व इसके सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।
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पीसीए पुलिस अधिकारियों के जांच व उनके खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत दे सकते है। पीसीए को पीड़ित की ओर से शिकायत मिलने के 60 दिनों के अंदर मामले की सुनवाई कर फैसला देना होगा। अगर पीसीए 60 दिन के समय में किसी कारणवश जांच पूरी नहीं कर पाता तो उन कारणों की एक रिपोर्ट प्रशासक को सौंपनी होगी। ज्ञात रहे कि इससे पहले पीसीए ने कई यूटी पुलिस विभाग के कर्मियों के खिलाफ लाइन हाजिर से लेकर निलंबन तक के आर्डर दिए थे, लेकिन शायद ही पीसीए के किसी फैसले पर पुलिस विभाग अपने किसी मुलाजिम के खिलाफ कोई कार्रवाई अब तक की है।
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